कृषि नवाचार:किसानों को अब 1 बैग जितना यूरिया खाद बोतल में मिलेगा

नौगामा11 दिन पहले
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किसानों को नैनो यूरिया लिक्विड खाद की जानकारी देते अधिकारी। - Dainik Bhaskar
किसानों को नैनो यूरिया लिक्विड खाद की जानकारी देते अधिकारी।

राजीव गांधी सेवा केंद्र पर किसानों की बैठक लेकर ओर कैंपिंग वैन से छींच, बाेसला, बागीदौरा, बड़ोदिया, पाड़ीकला, सियापुर, सागदौड़, इटाऊवा में किसानों को जानकारी दी। डॉ. बालूराम यादव ने बताया कि इफको नैनो यूरिया विश्व मे पहली बार विकसित किया गया है तथा भारत सरकार द्वारा अनुमोदित है। फसल की क्रांतिक अवस्थाओं पर नैनो यूरिया का पत्तियों पर छिड़काव करने से नाइट्रोजन की सफलतापूर्वक आपूर्ति हो जाती है, जिससे उत्पादन में वृद्धि के साथ साथ पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है।

कैंपिंग वैन नौगामा पहुंची। किसानों ने डॉ. बालूराम यादव को बताया कि उन्हें यूरिया का बैग खेत ले जाने के लिए ट्रैक्टर या टेम्पो लाना पड़ता है। एक दो किसानों को साथ ले जाना पड़ता था, अब एक ही किसान नैनो यूरिया को लेकर आ सकता है। नैनो यूरिया का 2 से 4 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी के घोल का खड़ी फसल में छिड़काव करना चाहिए, नाइट्रोजन की कम आवश्यकता वाली फसलो मे 2 मिली. एवं नाइट्रोजन की अधिक आवश्यकता वाली फसलो में 4 मिली. तक नैनो यूरिया प्रति लीटर पानी की दर से उपयोग किया जा सकता है।

अनाज, तेल, सब्जी, कपास सभी फसलो में दो बार तथा दलहनी फसलों में एक बार नैनो यूरिया का उपयोग किया जा सकता है। पहल छिड़काव अंकुरण या रोपाई के 30 से 35 दिन बाद तथा दूसरा छिड़काव फूल आने के एक सप्ताह पूर्व किया जा सकता है। एक एकड़ खेत के लिए प्रति छिड़काव लगभग 125 लीटर पानी की मात्रा पर्याप्त होती है।

नैनो यूरिया का उपयोग और सावधानी : उपयोग से पहले अच्छी तरह से बोतल को हिलाए, सुबह के समय छिड़काव करें जब तेज धूप, तेज हवा तथा ओस न हो। किसान को परिवहन एवं भण्डारण ख़र्चा में कमी तथा सुगम परिवहन उत्पादन वृद्धि के साथ उत्पाद गुणवता मे वृद्धि डॉ. बालूराम यादव इफको क्षेत्रीय प्रबन्धक बांसवाड़ा व डूंगरपुर ने बताया गया कि नैनो की एक बोतल एक यूरिया के बैग बराबर काम करती है।

इसे जमीन खराब नहीं होती है। किसानों को कम खर्च में अधिक उत्पादन मिल सकता है। राकेश कुमार चौधरी इफको एम सी भी साथ में थे। इस दौरान नौगामा सरपंच नरेश परमार, लैम्पस व्यवस्थापक दिलीप सिंह चौहान, उपाध्यकक्ष कचरा परमार, इकबाल खान, शिवलाल, कालूराम, बसन्त, भूपेश पाटीदार, मनोहर समेत किसान मौजूद रहे।

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