भास्कर विशेष:टीकाकरण में बांसवाड़ा प्रदेश में 15वें स्थान पर, 2 दिन से नहीं आ रहे कोरोना के टीके

बांसवाड़ा4 महीने पहले
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चिंताजनक : हर्ड इम्युनिटी के लिए 70% आबादी का वैक्सीनेशन जरूरी। - Dainik Bhaskar
चिंताजनक : हर्ड इम्युनिटी के लिए 70% आबादी का वैक्सीनेशन जरूरी।
  • 12.32 लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य अब तक 6.27 लाख (51%) काे ही लगा

जयपुर में एक ही दिन में 100 से ज्यादा काेराेना पॉजिटिव केस ने तीसरी लहर की तरफ इशारा कर दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि तीसरी लहर को रोकने के लिए 70 फीसदी आबादी में हर्ड इम्युनिटी विकसित होना जरूरी है। चिंताजनक यह है कि बांसवाड़ा में अभी तक 12.32 लाख लोगों में से महज 6.27 लाख यानी 51 फीसदी आबादी को ही टीके लग सके हैं।

प्रदेश में टीकाकरण के मामले में हम 15वें स्थान पर है। दैनिक भास्कर ने वैक्सीनेशन के आंकड़ों की पड़ताल की तो पता चला कि अभी तक 604812 लोगों को एक भी टीका नहीं लगा है। जिले में 18 साल से अधिक आयु के 8.23 लाख से अधिक लाेग रजिस्टर्ड हैं।

4 अगस्त को सिर्फ 871 लोगों को ही टीके की पहली डोज लग पाई है। वैक्सीनेशन नहीं मिलने की वजह से दो दिन से किसी को डोज नहीं लग पा रही। अब तक 3 लाख 13 हजार 51 लाेगाें काे टीके लगाए गए हैं, जाे कि लक्ष्य का महज 36.61% है। एक लाख 75 हजार 636 लाेग ही ऐसे हैं, जिन्हें टीके की दाेनाें ही डाेज लग पाई है।

भास्कर EXPLAINER

गांवों में अंधविश्वास, परतापुर में 18+ के महज 26 प्रतिशत युवाओं को ही टीके लग सके

1. स्वास्थ्य टीमें बनाई पर बांसवाड़ा में टीके क्यों नहीं लग पा रहे हैं?

टीके की रफ्तार कम होने की सबसे बड़ी वजह है-टीके को लेकर लोगों के मन में डर। कई गांव तो ऐसे हैं, जहां लोग टीके लगाने के लिए नहीं जा रहे। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगाकर इनके घरों तक समझाने की कोशिश कर रही है, लेकिन लाेग टीमों को देखकर घरों के दरवाजे तक बंद कर देते हैं। दूसरा-टीके की कमी ने टीकाकरण को कमजोर कर दिया है। टीके नहीं मिलने की वजह से गुरुवार और शुक्रवार को एक भी व्यक्ति को टीके नहीं पाए।

2. जिले में सबसे पीछे काैनसे ब्लॉक हैं?

चिंताजनक यह है कि 18+ वर्ग में परतापुर में महज 26 फीसदी को ही टीके की पहली डोज लगी है। यही हालात घाटोल व कुशलगढ़ के हैं। यहां 31-31 प्रतिशत लोगों का ही वैक्सीनेशन हो सका है। इसका कारण है-इन ब्लॉक के कई ग्रामीण क्षेत्राें में वैक्सीन काे लेकर कई तरह की अफवाएं चली थी।

3. बांसवाड़ा को कोरोना के टीके क्या कम मिल रहे हैं?

जिले में कोविशील्ड की 717220 और को-वैक्सीन की 72620 डोज ही मिल पाई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वैक्सीन जयपुर से ही अलॉट होती है। वह जितनी आती है, उतनी ब्लॉक के अनुसार अलॉट कर देते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बांसवाड़ा को हर दिन 10 से 20 हजार डोज मिले, तब टीकाकरण की रफ्तार बढ़ सकती है।

(स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े 5 अगस्त तक के)
(स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े 5 अगस्त तक के)