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  • 26,983 Filled Yes To Take Unemployment Allowance From The New Scheme, Only 4,825 Arrived, Skill Training Has Not Even Started Yet

मुख्यमंत्री युवा संबल याेजना बे-पटरी:नई स्कीम से बेरोजगारी भत्ता लेने के लिए 26,983 ने हां भरी, पहुंचे मात्र 4,825, अभी स्किल ट्रेनिंग भी शुरू नहीं

बांसवाड़ा6 दिन पहले
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  • सरकार 3 साल से 1.60 लाख बेराेजगाराें काे दे रही थी भत्ता, अब आधे भी नहीं जुड़ रहे

जितने जाेर-शाेर से सरकार ने बेराेजगाराें काे भत्ता देने के लिए मुख्यमंत्री युवा संबल याेजना काे शुरू किया था, उसे राेजगार विभाग पटरी पर नहीं ला पा रहा है। सरकार करीब 3 साल से प्रदेश के 1.60 लाख युवा बेराेजगाराें काे भत्ता दे रही थी। लेकिन इसमें 1 जनवरी से राेजाना 4 घंटे का काम और 3 महीने की ट्रेनिंग क्या जोड़ी, बेराेजगाराें ने याेजना से ही मुंह मोड़ लिया है। विभाग इसे अच्छे से लागू करने में नाकाम रहा है। जहां दिसंबर तक सरकार 1.60 लाख बेरोजगारों को भत्ता दे रही थी, वहीं अब नए नियम लागू करने और विभाग की व्यवस्थाओं से आधे युवा भी नहीं जुड़ रहे हैं।

योजना के आंकड़े

  • 14 लाख बेराेजगार रजिस्टर्ड हैं प्रदेश में
  • 6.44 लाख आवेदन आए
  • पिछले 3 साल में 2.60 लाख काे भत्ता मिला
  • 3.50 लाख से ज्यादा आवेदन हैं पेंडिंग

4,825 पहुंचे इंटर्नशिप करने बेरोजगारी भत्ते की नई स्कीम 1 जनवरी से शुरू हो गई, लेकिन अभी तक 4,825 बेरोजगार ही प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में इंटर्नशिप करने के लिए पहुंचे हैं। हालांकि इसके लिए 26,983 युवाओं ने सहमति जताई थी। इनमें वही शामिल हैं जिनके पास पहले से ही प्रोफेशनल कोर्स (जैसे बी फार्मा, बीएससी नर्सिंग, बीएड) की डिग्री है। इन्हें 3 महीने की स्पेशल ट्रेनिंग नहीं लेनी पड़ेगी।

रोजगार कार्यालयों में अधिकारी नहीं
रोजगार विभाग करीब 3 लाख से ज्यादा बेरोजगारों के आवेदन भत्ते के लिए पेंडिंग पड़े थे, लेकिन प्रदेश के कई जिलों में रोजगार अधिकारी ही नही हैं।

जिला प्रशासन विभागों से कर्मचारियों की डिमांड मांगने से लेकर उनमें बेरोजगार युवाओं को 4 घंटे काम करने के लिए भेजने का काम जिला प्रशासन का है।

आरएसएलडीसी नई योजना के अनुसार भत्ता लेने वाले बेरोजगारों को 3 महीने की स्किल ट्रेनिंग देने का काम आरएसएलडीसी का है। लेकिन आरएसएलडीसी ने ट्रेनिंग पार्टनर्स से समय पर एमओयू ही नहीं किए। जबकि योजना एक जनवरी से शुरू होनी थी।

अप्रूव्ड किये आवेदकों से इंटर्नशिप के लिए सहमति प्राप्त की जा रही है। -नलिनी कठोतिया, एमडी, आरएसएलडीसी

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