खुलासा:1 साल पहले हुए 14.88 लाख के 3 काम, पहले जिसका निरस्त किया, उसी ने दूसरी फर्म के नाम से ले लिया ठेका

बांसवाड़ा2 महीने पहले
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नए बस स्टैंड पर यूरिनल निर्माण पहले ही हो चुका है। - Dainik Bhaskar
नए बस स्टैंड पर यूरिनल निर्माण पहले ही हो चुका है।
  • गढ़ी-परतापुर पालिका में पार्षदों के विरोध पर टेंडर निरस्त हुए थे, अब वही ऑफलाइन किए

विवादाें में रही गढ़ी परतापुर नगर पालिका में एक और भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है। पिछले साल दिसंबर में पार्षदों के विरोध पर जिन 14.88 लाख के टेंडर काे निरस्त किया गया था, उन्हें अब पालिका ने गुपचुप तरीके से ऑफलाइन कर चहेते काे टेंडर दे दिया। 2 नवंबर काे टेंडर की काॅपी जारी की गई, जाे 9 नवंबर तक जमा करानी थी।

ऑफलाइन हुए इन टेंडरों की जानकारी किसी काे नहीं थी, इसलिए काॅपी भी चहेते ठेकेदार ने ही डाली। इसके बाद टेंडर उसके नाम कर दिया गया। नगर पालिका ने गुपचुप तरीके से 4.95 लाख रुपए की लागत से दाे माह में नए बस स्टैंड सीसी सड़क का निर्माण, 4.98 लाख से नए बस स्टैंड पर नाली निर्माण और 4.95 लाख से बाउंड्रीवाल व यूरिनल निर्माण का ठेका निकाला था। वहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत डंपिंग यार्ड के लिए समतलीकरण एवं आवागमन के लिए रास्ता बनाने का काम भी था। जिसका निर्माण हुआ ही नहीं, लेकिन भुगतान कर दिया।

पालिकाध्यक्ष बोले-टेंडर कब हुए जानकारी नहीं, सवाल-तो निविदा सूचना पर ये हस्ताक्षर किसके?

इन कामों के टेंडर हम निरस्त कर चुके थे। यह काम कब हुए। इनके दोबारा टेंडर कब हुए। मेरी जानकारी में नहीं। पता करता हूं। -दिलीप परमार, चेयरमैन, नगर पालिका परतापुर-गढ़ी

मेरे कार्यकाल में कोई टेंडर निरस्त नहीं हुए। यह मेरे से पहले का मामला है। अभी जरूर टेंडर हुए हैं। डंपिंग यार्ड में बिना काम के भुगतान हुआ। यह मेरी जानकारी में नहीं। -विजय दांतला, जेईएन, नगर पालिका

टेंडर के लिए एक मात्र कॉपी ही डली : पालिका ने डंपिंग यार्ड का काम मेवाड़ कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया था। जिसका मालिक दशरत सिंह वाघेला है। वहीं यूरिनल निर्माण का काम पहले सुरेंद्र सिंह ने अपने रिश्तेदार की फर्म तीर्थेश्वर के नाम से टेंडर डाला था। जो निरस्त हो गया। इस बार उसने किग्स कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम से एक मात्र कॉपी डाली थी। इसलिए इसके नाम टेंडर खुल गया।

पहले बिना टेंडर के चहेते ठेकेदार के साथ मिलीभगत कर अवैध तरीके से निर्माण काम कराए। अब भुगतान के लिए गुपचुप कागाजों में टेंडर आमंत्रित कर लिए। एंटी करप्शन ब्यूरो से पूरे मामले की जांच हाेनी चाहिए।-गाेविंद भगाेरा, पार्षद-वार्ड 24

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