लक्जरी कार में साढ़े 4 करोड़ की नकदी:सीट के नीचे से निकलने लगीं 2 हजार और 500 की गडि्डयां, 3 घंटे लगे गिनने में; दिल्ली से 782 किमी चले, अहमदाबाद से 150 किमी पहले पकड़े गए

बांसवाड़ाएक वर्ष पहले
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बिछीवाड़ा (डूंगरपुर) पुलिस की कार्रवाई में बरामद नकदी, नीचे बैठे आरोपी और कार। - Dainik Bhaskar
बिछीवाड़ा (डूंगरपुर) पुलिस की कार्रवाई में बरामद नकदी, नीचे बैठे आरोपी और कार।
  • हवाला की रकम होने की आशंका, इनकम टैक्स विभाग को पुलिस ने दी सूचना, 2 गिरफ्तार

डूंगरपुर जिला पुलिस ने शनिवार को रतनपुर बॉर्डर पर नाकेबंदी के दौरान मोडिफाइड लग्जरी कार से साढ़े चार करोड़ की नकदी बरामद की है। शराब तस्करी के लिए तैयार की गई इस कार में सीट के नीचे दो बॉक्स में कैश को छुपाया गया था।

दिल्ली से रवाना हुई यह कार तीन राज्यों की 782 किलोमीटर दूरी तय करते यहां पहुंची थी। अंतिम मंजिल अहमदाबाद से 150 किमी पहले पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया। मामले में पुलिस ने गुजरात के पाटन जिला निवासी रणजीत सिंह पुत्र रूपचंद राजपूत तथा उंझा निवासी नितिन पुत्र छगनलाल पटेल काे गिरफ्तार किया। इनसे पूछताछ जारी है।

बरामद नकदी की सूचना जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी की ओर से इनकम टैक्स विभाग को दी गई। इस पर पहुंचे विभागीय कार्मिकों काे मशीन से नकदी गिनने में करीब तीन घंटे अधिक समय लगा। लॉकडाउन अवधि में बिछीवाड़ा पुलिस के इस प्रयास को प्रदेश में सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

बिछीवाड़ा थाना प्रभारी रिजवान खान के अनुसार लॉकडाउन को लेकर वे नाकाबंदी पर थे। तभी उदयपुर की ओर से एक कार आती हुई दिखाई दी। कार को देखकर उन्हें कुछ संदेह हुआ। रतनपुर चाैकी प्रभारी गाेविंदलाल लबाना एवं जाप्ते ने कार की तलाशी ली।

चालक ने भी वाहन को खाली होना बताया, लेकिन अक्सर ऐसे वाहनों में शराब की तस्करी से परिचित पुलिस ने यहां गहनता से कार की तलाशी ली। तभी सीट के नीचे लोहे के दो बॉक्स पर उनकी नजर गई। इस पर ताले जड़े हुए थे, जिसकी चाबी पास में ही रखी थी।

पुलिस ने बॉक्स खोले तो भीतर से 2 हजार और 500 के नोटों की गड्डियां निकलनी शुरू हुईं। इतनी बड़ी राशि देखकर पुलिस के भी हाथ-पैर फूल गए। सीआई ने बिना देर लगाए इसकी सूचना जिला पुलिस अधीक्षक को दी। कार्रवाई दल में कांस्टेबल जितेंद्र अहारी, श्रीनिवास व विपेंद्र भी शामिल थे।

कार्रवाई में बरामद नकदी।
कार्रवाई में बरामद नकदी।

2 मशीनों ने तीन घंटे गिने नोट

तलाशी के दौरान पुलिस को वाहन में ढाई करोड़ रुपए होने तक अंदेशा हुआ। बाद में नोटों की गिनती करने के लिए दो मशीन मंगवाई गई। इन मशीनों को नोट गिनने में तीन घंटे से ज्यादा का समय लगा। मशीन के हिसाब से यह नकदी 4 करोड़ 49 हजार 99 हजार 500 रुपए की मिली। आला अधिकारियों के निर्देश पर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। वहीं आरोपियों से इस बारे में गंभीरता से पूछताछ की गई, लेकिन उनकी ओर से अब तक भी संतोषप्रद जवाब नहीं दिया गया।

पुलिस कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए आरोपी।
पुलिस कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए आरोपी।

दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान
नकदी लेकर दिल्ली से रवाना हुई यह कार लॉकडाउन के बीच दिल्ली की सीमा पार हुई। इसके बाद हरियाणा होते हुए राजस्थान सीमा के अंतिम छोर तक आ गई। चौथे राज्य गुजरात में प्रवेश होने के ठीक पहले राजस्थान पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

नोटों की इतनी बड़ी संख्या को लेकर आरोपियों के हवाला कारोबार से जुड़े होने का अंदेशा लगाया जा रहा है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह 19 मई को अहमदाबाद से दिल्ली को निकले थे। दिल्ली में कुछ समय के लिए उनकी कार कोई और ले गया था। बाद में कार वापस कर अहमदाबाद में किसी कमलेश नाम के व्यक्ति को देने की बात कही।

रतनपुर बॉर्डर पर पुलिस की मौजूदगी में मशीनों से यूं गिनी गई नकदी।
रतनपुर बॉर्डर पर पुलिस की मौजूदगी में मशीनों से यूं गिनी गई नकदी।

हवाला कारोबार की आशंका
मामले में जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि अब तक के अनुसंधान के मुताबिक मामला हवाला कारोबार से जुड़ा लग रहा है। आरोपियों ने पूछताछ में दिल्ली से अहमदाबाद जाना कबूल किया है।

कंटेंट: सुधीर जैन

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