आटा व्यापारी से 25 हजार की ऑनलाइन ठगी:पहचान पुख्ता करने के लिए ARMY का कैंटीन कार्ड भेजा, सेंट्रल स्कूल के नाम से मंगवाया आटा

बांसवाड़ा4 महीने पहले
ठगी का शिकार हुआ व्यापारी।

बांसवाड़ा में आटा व्यापारी से ऑनलाइन ठगी का नया मामला सामने आया है। वारदात के बाद भी आरोपी मोबाइल नंबर पर आने वाले कॉल उठा रहा है। वह बकायदा बातचीत कर रहा है। हालांकि, अब खुद की पहचान बाड़मेर सेंट्रल स्कूल के नाम से बता रहा है। आरोपी के दोनों फोन चालू हैं। इनमें एक नंबर पर वाट्सएप का उपयोग हो रहा है, जबकि दूसरे नंबर पर बातचीत हो रही हैँ। मामले में ठगी का शिकार हुए आटा व्यापारी ने इस मामले में कोतवाली थाने में FIR दर्ज कराई, जिसकी जांच की जा रही है।

इंडस्ट्रीज एरिया स्थित आटा फैक्ट्री।
इंडस्ट्रीज एरिया स्थित आटा फैक्ट्री।

दरअसल, दाहोद रोड स्थित इंडस्ट्रीय एरिया में श्रीगणेश बेसन इंडस्ट्रीज (जावरा गोल्ड) के नाम से गोदाम है। इसके मालिक महेंद्र गुप्ता के पास गुरुवार को एक अनजान नंबर से फोन आया, जिसमें 10 हजार का आटा बांसवाड़ा के सेंट्रल स्कूल में भेजने को कहा गया। इसके बाद ठग ने वाट्सएप पर मैसेज किया।

वहीं पुख्ता पहचान बताने के लिए उसने ARMY का कैंटीन स्मार्ड कार्ड (लीकर कार्ड) भेजा। तय मुताबिक आटा व्यापारी ने वाहन से स्कूल के बाहर आटा भिजवा दिया। वहां पहुंचे ड्राइवर को स्कूल का गेट बंद मिला। ड्राइवर ने महेंद्र गुप्ता को इसकी जानकारी दी। इसके बाद गुप्ता ने ठग को फोन लगाया, जिसने विशेष खाते में एक रुपए ट्रांसफर की बात कही। काम ज्यादा होने की वजह से गुप्ता ने उनका फोन बेटे को पकड़ा दिया। गुप्ता के बेटे को मोबाइल पर विशेष बार कोड भेजा। आरोपी ने उसी बार कोड पर विशेष पिन नंबर डालकर 25 हजार रुपए की एंट्री करने को कहा। बोला कि ऐसा करते ही उसके खाते में रुपए ट्रांसफर हो जाएंगे, लेकिन बोले मुताबिक हुआ उल्टा। खाते में पैसे आने की बजाय गुप्ता के खाते से 25 हजार रुपए कट गए।

पहचान पुख्ता करने के लिए आरोपी ने भेजा ID
पहचान पुख्ता करने के लिए आरोपी ने भेजा ID

बेधड़क फोन उठा रहा है ठग

अमूमन वारदात के बाद ऐसे ठग उपयोग में लिए गए मोबाइल नंबर को बंद कर देते हैं, लेकिन, आरोपी ठग का फोन नंबर अब भी चालू है। वह इस नंबर से बातचीत कर रहा है। वहीं एक व्हाट्स नंबर है, जिससे उसने उसकी इन्फॉर्मेशन भेजी थी। बकायदा उसने इस नंबर पर बांसवाड़ा सेंट्रल स्कूल की लोकेशन भी भेजी थी। व्यापारी गुप्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए नंबर का सच जानने के लिए संपर्क किया तो पता चला कि आरोपी अब उसकी पहचान बाड़मेर सेंट्रल स्कूल बता रहा है।

इस नाम से खाते में रुपए हुए ट्रांसफर।
इस नाम से खाते में रुपए हुए ट्रांसफर।

नाम कुछ पेमेंट किसी ओर खाते में गया
आरोपी की ओर से भेजे गए पहचान पत्र और बातचीत के हिसाब से उसकी पहचान रनदीप सिंह बताई गई है। सेना के स्मार्ट कैंटीन कार्ड के हिसाब से वह नायक पद पर है, जबकि व्यापारी के बैंक ऑफ बड़ाैदा के खाते से भुगतान किसी अनिल कुमार विश्वकर्मा के खाते में गया है।