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  • By Showing Compulsion On The Face, Silver Ornaments Were Mortgaged, 3 Months Ago, The Jewelery Was Kept For 25 Thousand, This Time The Same Jewelery Was Dealt For 80 Thousand

पत्नी को बीमार बताकर कईयों को ठग चुकी है गैंग:चेहरे पर मजबूरी दिखाकर चांदी के गहने गिरवी रखते थे, 3 महीने पहले 25 हजार में रखी थी जेवर, इस बार उसी जेवर का 80 हजार में किया सौदा

बांसवाड़ाएक महीने पहले
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पुलिस कार्रवाई में धरी गई गैंग का मुखिया बायीं ओर बैठा हुआ गौतम है। इसकी उम्र और चेहरे की मजबूरी को देखकर ही लोग झांसे में आ जाते हैं। - Dainik Bhaskar
पुलिस कार्रवाई में धरी गई गैंग का मुखिया बायीं ओर बैठा हुआ गौतम है। इसकी उम्र और चेहरे की मजबूरी को देखकर ही लोग झांसे में आ जाते हैं।

सज्जनगढ़ थाना पुलिस ने नकली चांदी गिरवी रखने वाली शातिर गैंग पकड़ी है। गैंग पहले तो पत्नी की बीमारी के बहाने चुनींदा लोगों से मिलती। बाद में मासूम चेहरे से मजबूरी बयां करते हुए उन्हें चांदी के नकली जेवर गिरवी रखने का प्रस्ताव देती। ज्यादा मात्रा में चांदी देख जो भी जाल में फंस जाता। उससे रुपए लेकर खिसक लेती। खासियत यह थी कि गैंग एक बार जिसके पास जाती। वहां दूसरी बार भूल से भी नहीं फटकती। टीम का शिकार हर बार नई जगह का नया आदमी होता था। लेकिन, इस बार उनकी चोरी पकड़ में आ गई। वह ऐसे आदमी के शिकंजे में फंस गए, जिसने चांदी को गिरवी रखने की पूरी कीमत 80 हजार देने से पहले उसकी सच्चाई जान ली। मौके पर खुद को घिरता देख टीम नकली जेवर उस व्यक्ति से केवल 7 हजार लेकर गायब हो गई। सज्जनगढ़ निवासी योगेश कलाल की दर्ज रिपोर्ट पर पुलिस ने गैंग का खुलासा करते हुए संदलाई बड़ी थाना निवासी गौतम पुत्र दूधजी डोडियार, गोबजी पुत्र मकू डोडियार एवं महुड़िया नाथा निवासी रामसिंह पुत्र सामजी गरासिया को गिरफ्तार किया। आरोपियों को अदालत ने तीन दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा है। थानाधिकारी धनपतसिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

सज्जनगढ़ थाना पुलिस की कार्रवाई में पकड़ी गई ठग गैंग।
सज्जनगढ़ थाना पुलिस की कार्रवाई में पकड़ी गई ठग गैंग।

3 महीने पहले 25 हजार में गिरवी रखी जेवर
बदमाशों ने 3 महीने पहले चांदी की नकली जेवर व्यक्ति विशेष को 25 हजार में गिरवी रखी थी। बाद में बदमाश मूल अदाकर वह जेवर छुड़ा लाए। करीब 10 सितम्बर को बदमाशों ने योगेश कलाल से मजबूरी बताकर संबंधित जेवर को 80 हजार रुपए में गिरवी रखने का प्रस्ताव दिया। ज्यादा जेवर देखकर योगेश भी झांसे में आ गया। जेवर हाथ में लेकर योगेश ने बदमाशों को 7 हजार रुपए दिए, लेकिन सावधानी के तौर पर योगेश ने घर में भीतर घुसकर चांदी का सच जाना। तो भीतर से तांबा दिखा। वह चिल्लाता हुआ भीतर से निकला तो बदमाश वहां से भाग गए।
करीब 6 महीने से सक्रिय है गैंग
अभी तक की पड़ताल में सामने आया है कि गैंग यहां पर बीते 6 महीने से सक्रिय है। इन बदमाशों की ओर से करीब 20 जनों को अब तक बेवकूफ बनाया जा चुका है। रिमांड के दौरान पुलिस इन्हीं तथ्यों को खंगालने का प्रयास कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि मामला सामने आने के बाद पीड़ित लोग पुलिस से संपर्क करेंगे। पुलिस तलाश रही है कि बदमाश आखिर नकली चांदी लाते कहां से थे। इस धंधे में इन बदमाशों के पीछे और कौन है। यह धंधा और किन जगहों पर चल रहा है। अवैध धंधे का कितने लोग शिकार हो चुके हैं। बदमाश लोकल होने के कारण स्थानीय इलाके में चांदी के महत्व को समझते हैं।
गौतम है गैंग का सरगना
पुलिस का कहना है गौतम उम्रदराज है। करीब 50 साल का व्यस्क होने के कारण उसके बहानों पर लोग विश्वास कर लेते हैं। पकड़े गए युवा तो बस उसका साथ देते हैं। चेहरे की झुर्रियां और मजबूरी की एक्टिंग देखकर लोग गौतम के झांसे में आ जाते हैं। गौतम से अब तक हुई पड़ताल में उसने कबूला कि एक अनजान व्यक्ति उसे फूफा बोलते हुए उससे मिला था। बाद में उसे ये जेवर थमा गया। पहले वह खुद झांसे में आ गया था। इसके बाद वह खुद लोगों को झांसा देने लग गया। हालांकि, पुलिस अभी उसकी जलेबीदार बातों को सही नहीं मान रही है।

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