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न्यूक्लियर पावर प्लांट की भुगतान प्रक्रिया पर उठे सवाल:छोटी सरवन उपसरपंच बोले- आर एंड आर का रुपया गलत खातों में, बिना टेंडर के बन रहा है करोड़ों का सुलभ शौचालय

बांसवाड़ा3 महीने पहले
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कलेक्टर से शिकायत करने पहुंचे छोटीसरवन क्षेत्र के जनप्रतिनिधि। - Dainik Bhaskar
कलेक्टर से शिकायत करने पहुंचे छोटीसरवन क्षेत्र के जनप्रतिनिधि।

न्यूक्लियर पॉवर कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड (NPCIL) की ओर से रतलाम रोड पर निर्माणाधीन प्रोजेक्ट की भुगतान व्यवस्था और निर्माण कार्य को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। छोटी सरवन उप प्रधान मनोहर खड़िया, यूथ कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष प्रमोद डिंडोर एवं वार्ड एक से पंचायत समिति सदस्य ने प्लांट को लेकर आर एंड आर (रि-हेबिटेशन और रि-सेटलमेंट) को लेकर आरोप लगाए हैं।

जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह को लिखित में की गई शिकायत में जनप्रतिनिधियों ने बताया कि भुगतान खातेदार के खाते में नहीं आकर व्यक्ति विशेष के खाते में डलवाकर बंटवाया जा रहा है। यहां 3.33 करोड़ लागत से निर्माणाधीन सुलभ शौचालय भी बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के हो रहा है। जनप्रतनिधियों ने आरोप लगाए कि स्थानीय एक्सईएन मयूर गुप्ता की ओर से चहेतों और चहेती एनजीओ (गैर सरकारी संस्था) को काम सौंपा जा रहा है। मकान खाली कराने के नाम पर भी एक्सईएन स्तर पर कारगुजारी करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
बेबुनियाद हैं आरोप
इधर, मामले को लेकर NPCIL के XEN मयूर गुप्ता ने कहा कि ऐसी शिकायतें राजनीति का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि आर एंड आर के तहत भुगतान का अधिकार भूमि अवाप्ति अधिकारी को है। यह भुगतान सरकारी खाते से खातेदार के बैंक खाते में जाता है। सुलभ शौचालय का काम सेंटर से एनजीओ को सौंपा गया है। उसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके हाथ में भुगतान से जुड़ा हुआ कोई पहलू ही नहीं है तो भ्रष्टाचार संभव ही नहीं है।

प्लांट से जुड़े हैं ऐसे तथ्य

  • NPCIL की ओर से रतलाम रोड पर प्रस्तावति परमाणु बिजलीघर के लिए कटूंबी, रेल, बारी, सजवानिया, आड़ीभीत एवं खांडियादेव में करीब 665 हैक्टेयर भूमि की अवाप्ति हुई है।
  • खांडियादेव में 60 हैक्टेयर भूमि का उपयोग टाउनशिप के लिए होगा।
  • अब तक 1200 से अधिक लोगों को मकान के बदले आर एंड आर में भुगतान हो चुका है।
  • बिजलीघर में 700-700 यूनिट की चार इकाई लगेंगी।
  • स्वदेशी तकनीकी से निर्मित यह संयत्र दाबित भारी पानी होगा।
  • न्यूक्लियर पावर कार्पोरेशन इंडिया लिमिटेड का परमाणु बिजलीघर विकिरण की दृष्टि से सुरक्षित होगा।
  • 2022 के अंत तक या फिर वर्ष 2023 की शुरुआत में इसका शिलान्यास होना है।
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