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आखिरी चेतावनी है हमारी:बेरोजगार नर्सिंग अभ्यर्थी बोले- अब केवल दो दिन की मोहलत, इसके बाद करेंगे आंदोलन, CMHO ने कहा- ज्यादा बोलने की जरूरत नहीं, काम प्रक्रिया से ही पूरा होगा

बांसवाड़ा22 दिन पहले
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सीएमएचओ डॉ. ताबियार से उलझते हुए बेरोजगार नर्सिंग अभ्यर्थी। - Dainik Bhaskar
सीएमएचओ डॉ. ताबियार से उलझते हुए बेरोजगार नर्सिंग अभ्यर्थी।

जिले में कोविड सहायकों के शेष 73 पद पर ज्वॉइनिंग देने का मामला सोमवार को उस समय गरमा गया, जब बेरोजगार नर्सिंग अभ्यर्थियों ने वेकेंसी के हिसाब से लास्ट मेरिट सूची जारी करने की जिद पकड़ ली। उदयपुर रोड स्थित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में खड़े बेरोजगारों ने सीएमएचओ पर सूची जारी करने का दबाव बनाया। इर दौरान अभ्यर्थी यह तक कहते देखे गए कि उन्होंने बहुत इंतजार कर लिया। अब केवल दो दिन की मोहलत देंगे। इसके बाद वह आंदोलन करेंगे। जवाब में सीएमएचओ डॉ. हीरालाल ताबियार बोले कि उनसे ज्यादा बोलने की जरूरत नहीं है। ध्यान रखें कि कार्यालय की गरिमा है और वह सभी कार्यालय में खड़े हुए हैं।

सीएमएचओ कार्यालय के बाहर बेरोजगार नर्सिंग अभ्यर्थी।
सीएमएचओ कार्यालय के बाहर बेरोजगार नर्सिंग अभ्यर्थी।

इससे पहले बेरोजगार नर्सिंग अभ्यर्थी दोपहर करीब 12 बजे यहां सीएमएचओ कार्यालय परिसर में जुटे। कलेक्ट्री से सीधे कार्यालय पहुंचे सीएमएचओ डॉ. ताबियार से मिलने पहुंचे। तभी यहां राज्य सरकार की ओर से स्वीकृत वेकेंसी में शेष बची 73 ज्वॉइनिंग को लेकर आक्रोश जताया। अभ्यर्थियों ने बताया कि वह अब तक टीएडी राज्यमंत्री अर्जुन बामनिया और कलेक्टर अंकित कुमार सिंह से कई बार मिल चुके हैं। उनकी ओर से आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। दूसरी ओर चिकित्सा विभाग उन्हें गुमराह कर रहा है। अगर, दो दिन में उनकी समस्याओं का हल नहीं निकला तो वह आंदोलन करेंगे। जिला कलेक्ट्रेट से लेकर सीएमएचओ कार्यालय तक आंदोलना होगा। इसकी समस्त जिम्मेदारी विभाग की होगी।

उदयपुर रोड स्थित सीएमएचओ कार्यालय।
उदयपुर रोड स्थित सीएमएचओ कार्यालय।

यह है मामला
कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों की संख्या को देखते हुए प्रदेश सरकार के निर्देश पर बांसवाड़ा सीएमएचओ कार्यालय ने अप्रेल के अंत में 805 कोविड सहायकों की भर्ती निकाली थी। भर्ती जिला स्तर पर हुई करीब दो हजार आवेदन आए। इसमें से विभाग ने मेरिट के हिसाब से 732 पदों पर जोइनिंग करा दी। इसके बाद यह मामला हाईकोर्ट में दायर रिट के कारण अटक गया। इस पर बेरोजगारों ने हाइकोर्ट से खारिज की गई रिट के दस्तावेज विभाग को सौंपे। लेकिन, इतनके बावजूद विभाग ने शेष 73 पदों की मेरिट सूची जारी नहीं की। इससे मामला विवादों मे आ गया है।

पूरे हैं प्रयास
मामले में सीएमएचओ डॉ. ताबियार ने बताया कि वह खुद भी सभी पदों पर कोविड सहायक चाहते हैं। इसके लिए विभाग स्तर पर फाइल को जिला प्रशासन के पास भिजवाया गया है। लेकिन, वहां पर प्रदेश सरकार से नए कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं होने का मामला उठा है। ऐसे में फाइल प्रशासनिक स्तर पर अटकी हुई है। हमारी ओर से किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है।