गांवों में भ्रष्टाचार:कोरोनाकाल में सड़क से श्मशान तक भ्रष्टाचार 35 लाख में नाली-रोड भी ऑनलाइन ही बनाई

बांसवाड़ाएक महीने पहलेलेखक: विजयपाल डूडी
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  • सेनावासा पंचायत में अधिकारियों और नेताओं ने बिना भाैतिक सत्यापन जारी कर दिए बिल
  • मोक्षधाम सहित गांव में लगाने थे 6 हैंडपंप, 3.10 लाख रुपए उठाए पर गड्‌ढा भी नहीं खोदा

कोरोनाकाल में सबकुछ ऑनलाइन हो रहा था। ऐसे में गांवों में भ्रष्टाचार भी ऑनलाइन ही होने लग गया। ऐसा ही मामला शहर से महज 15 किमी दूर सेनावासा पंचायत में सामने आया। जहां 35 लाख से ज्यादा के काम सिर्फ ऑनलाइन ही हुए हैं। साल 2020-21 और 2021-22 में नाली निर्माण, सड़क बनाना और हैंडपंप लगाने थे। यह सब काम हुए या नहीं इसका भौतिक सत्यापन किए बिना ही अधिकारियों और नेताओं ने ठेकेदार के बिल भी पास कर दिए। मिलीभगत के ऑनलाइन हुए कामों की जब भास्कर संवाददाता ने सेनावासा पंचायत पहुंच कर पड़ता की तो भ्रष्टाचार सामने आया।

यहां हिरजी पाटीदार के खेत से रतनजी के खेत तक 700 मीटर की बनाई सड़क का भी काम पूरा नहीं किया है। ग्रेवल सड़क बनानी थी, लेकिन गिट्टी पर समतलीकरण तक नहीं किया है। इस अधूरे काम पर 12.39 लाख का भुगतान कर दिया। नेशनल हाइवे 113 से यादव मोहल्ले तक 500 मीटर की ग्रेवल सड़क की भी हालत खराब है।

जिसमें 10.86 लाख रुपए का मनरेगा में भुगतान किया। इसके निर्माण के लिए 2.24 लाख का सामान भी लगा दिया। आधा किमी की सड़क के लिए 13.10 लाख खर्च कर दिए, जबकि माैके पर सड़क को समतल तक नहीं किया है।

1.आसिफ घर से नाले की तरफ दोनों तरफ नाली का निर्माण करना था, जो नहीं किया। (फोटो में हकीकत)। इनसेट में ऑनलाइन पाेर्टल पर काम पूरा बताकर 1.33 लाख रुपए उठा लिए हैं।

2. अशोक कलाल के घर से देवरा पाड़ा तक नाली का निर्माण किया है, जिसमें घटिया सामग्री और नाली को समतल तक नहीं किया है। काम अधूरा है पर पांच लाख रुपए का भुगतान कर दिया।

हमने पूरा काम किया, एक-आधा प्रतिशत गलती हाे सकती है : सरपंच

हमने पूरा काम किया है। जहां तक बात सड़क निर्माण की है ताे उसमें ताे हमें मजदूरों को काम देना था, उसका काम हुआ या नहीं हुआ, इससे हमें क्या मतलब? हैंडपंप का भी काम हुआ है, एक-आधा प्रतिशत गलती हो सकती है। हमें जहां भी स्पष्टीकरण देना होगा हम दे देंगे। गणपत कटारा, सरपंच, सेनावासा

जांच में दाेषी मिले तो कार्रवाई करेंगे

अगर इस तरह का मामला है तो हम इसे गंभीरता से लेंगे। इस मामले की पूरी जांच करवाई जाएगी। दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। सुनील वर्मा, विकास अधिकारी, घाटोल

​​​​​​​सेनावासा गांव में ही श्मशान घाट पर हैंडपंप स्वीकृत किया गया था। (फोटो में हकीकत)। इनसेट में ऑनलाइन पाेर्टल पर काम पूरा बताकर 51 हजार 800 रुपए उठा लिए हैं।

ऑनलाइन लगे हैंडपंप, माैके पर कुछ नहीं

राजू के घर के पास हैंडपंप स्वीकृत, (नहीं लगा) 51,800 रुपए उठाए। {उदयपुरा श्मशान घाट पर हैंडपंप स्वीकृत, (नहीं लगा)। {सेनावासा के श्मशान घाट पर हैंडपंप स्वीकृत, (नहीं लगा) {पंकज कटारा घर के पास हैंडपंप स्वीकृत, (नहीं लगा)। {कृष्णा मंदिर के पास सेनावासा में हैंडपंप स्वीकृत, वहां सालों पुराना ही हैंडपंप चल रहा है, नए की राशि उठा ली। {लालजी कटारा के खेत में हैंडपंप स्वीकृत, (नहीं लगा) राशि उठा ली।

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