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धूणी धामों के प्रमुख मेट, कोटवालों को दिया प्रशिक्षण:भक्तों ने संपूर्ण चार्तुमास तक अखंड धूणियां प्रज्ज्वलित रखने का संकल्प लिया

बांसवाड़ा3 दिन पहले
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कोठारा में हुए धार्मिक कार्यक्रम में मौजूद संत, मेट, कोटवाल। - Dainik Bhaskar
कोठारा में हुए धार्मिक कार्यक्रम में मौजूद संत, मेट, कोटवाल।

विद्या भारती जनजाति समिति राजस्थान कोठारा परियोजना की ओर से मंगलवार काे धूणी धामों के प्रमुख मेट, कोटवालों का एक दिवसीय जागरण का प्रशिक्षण हुआ। कोठारा परियोजना सचिव किशोर महाराज के सानिध्य में चार जिलों से विभिन्न स्थानों से धूणियों के प्रमुखों ने उत्साह से भाग लिया।

प्रारंभ में कोठारा हनुमानगढ़ी पहाड़ी पर नवगृह के पौधे लगाए। इसके बाद संत, भक्तों ने रात्रि में भक्ति भावना से ओतप्राेत धर्म की रक्षा करने और गुरुओं की वाणी को साकार करने से जुडे भजनों की प्रस्तुति दी। अगले दिन सुबह शुभ वेला में सप्त कुण्डों पर हवन कैसे करना इसका प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में भैरूगिरीजी महाराज बलुआधाम उदयपुर, गोपालजी महाराज जैलाना डूंगरपुर, नागेंद्रजी महाराज जल्दा बांसवाड़ा, ताजूजी महाराज डूंगरपुर का सानिध्य प्राप्त हुआ।

मुख्य वक्ता के रुप में अध्यक्ष विद्या भारती जनजाति समिति राजस्थान के जयंतीलाल भट्ट ने कहा कि हम सब धर्म जागरण के कार्य को पीढ़ी दर पीढी आगे बढाएंगे। एक भी विधर्मी धरती पर रहेगा तब तक यह सतत् कार्य जारी रहेंगा। जीवन में कई कठिनाई आती है, संकल्पित होकर कार्य करेगें ताे सफलता मिलेंगी।

गोविन्द गुरू, सति सुरमालदास, मावजी महाराज ने इसी प्रेरणा से धुणी धामों की स्थापना की थी। हम सबको उसे मजबूत कर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। समापन पर हेमेंद्र कुमार विभाग प्रचारक का मार्गदर्शन मिला। प्रसादी के बाद संतों को श्रीफल, रूद्राक्ष, जलती हुई अग्नि लेकर अपनी धुणी के लिए विदा किया गया।

भक्त संपूर्ण चार्तुमास तक अखंड धूणियां प्रज्ज्वलित रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विद्या भारती संस्थान बांसवाड़ा के सचिव ललित दवे, विद्या भारती जनजाति समिति राजस्थान के कोषाध्यक्ष ललितकुमार जोशी, वरिष्ठ प्रचारक मनफुलसिंह, विद्या भारती जनजाति समिति राजस्थान सह सचिव नारायणलाल गमेती रहे। यह जानकारी प्रचार प्रसार प्रमुख सुरेंद्र आचार्य ने दी।

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