दर्शनार्थियाें काे लगा करंट:मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में संध्या आरती में दर्शन करने आए भक्ताें काे लगा करंट

बांसवाड़ा2 महीने पहले
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दुर्गाष्टमी पर्व पर संध्या आरती के समय मां त्रिपुरा मंदिर में एक बड़ा हादसा टल गया। माता के दर्शनाें के लिए कतार में लगे भक्ताें काे करंट के झटके लगे। गनीमत रही अचानक शाॅर्ट सर्किट के बाद बिजली गुल हाे गई व ताराें में विद्युत प्रवाह बंद हाे गया।हादसा उस समय हुआ जब संध्या आरती के समय मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगे चैनल गेट काे बंद कर दर्शनार्थियाें काे मंदिर में प्रवेश राेक दिया गया था।

नवरात्रि की अष्टमी के कारण वैसे ही श्रद्धालुओ की भारी भीड़ थी। गेट बंद किए जाने से दर्शनार्थियाें की कतार और लंबी हाे गई। इस बीच वहां टेंट हाऊस के कर्मचारी वहां लगाए गए अस्थायी पाेल से टेंट की डाेरियाें, रस्सियाें आदि काे खाेल रहे थे। अचानक चूकवश वहां बिजली के तार में कट लग गया। उसका करंट लाेहे के पाेल से हाेता हुआ जमीन में फैल गया। वहां कतार में खड़े दर्शनार्थी नंगे पांव थे, जिससे वे करंट की चपेट में आ गए।

करंट लगते ही वहां चीख पुकार शुरू हाे गई। भगदड़ मचती उससे पहले ही मंदिर के मुख्य द्वार पर खड़े सदर थानाधिकारी सीआई पूनाराम गुर्जर व अन्य सुरक्षाकर्मी हरकत में आए। उन्हाेंने भीड़ काे बेकाबू हाेने से राेक दिया। तब तक अचानक लाइटें बंद हाे गई, जिससे जमीन में प्रवाहित करंट भी बंद हाे गया था।

बिजली की लाइनाें काे जांचने की व्यवस्था ही नहीं

मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में करंट की इस घटना ने वहां की लचर व्यवस्थाओ की पाेल खाेल दी है। मंदिर प्रबंधन टेंट व लाइट हाउस वाले काे काम की जिम्मेदारी साैंप कर निश्चिंत हाे जाता है। बिजली व्यवस्था के लिए खड़े किए जाने वाले बिजली के पाेल, उन पर बिछाए जाने वाले ताराें आदि के निरीक्षण की काेई व्यवस्था नहीं, जबकि नवरात्रि में वहां लाखाें की सख्या में दर्शनार्थी आतें हैं। नियमानुसार ऐसे किसी भी बड़े आयाेजन से पूर्व विद्युत निगम के इंजीनियराें की ओर से वायरिंग सहित अन्य सभी व्यवस्थाओ काे जांच कर एनओसी जारी की जाती है। उसके अनुरूप ही काम हाेता है।

दर्शनार्थियाें काे करंट लगने की जानकारी मिली है। कारणाें की जांच करा रहे हैं। भविष्य में बिजली की व्यवस्था अधिकारियाें की निगरानी में हाे। काम पूरा हाेने के बाद अधिकारियाें की एनओसी आवश्यक करेंगे। किसी भी स्तर पर काम में चूक नहीं रहे। इसके गंभीरता से प्रयास हाेंगे। -पर्बतसिंह चूंडावत, एसडीएम

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