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तीन साल बाद वाहन चालकों को राहत:चैकिंग के दौरान डीजी लॉकर एप से दिखा सकेंगे दस्तावेज

बांसवाड़ा10 दिन पहले
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अब प्रदेश में डिजिटल आइडेंटिटी के रूप में डीजी लॉकर और एम-परिवहन के माध्यम से प्रस्तुत ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मान्य होंगे। चैकिंग के दौरान प्रवर्तन अधिकारी वाहन चालक को भौतिक रूप से दस्तावेजों के लिए बाध्य नहीं करेगा। परिवहन विभाग द्वारा जारी यह आदेश तीन साल बाद धरातल पर उतरेगा।

इसकी सख्ती से पालना के लिए परिवहन आयुक्त व पदेन विशिष्ट शासन सचिव महेंद्र सोनी ने यह आदेश जारी किए हैं। दरअसल, परिवहन विभाग ने डिजीलॉकर के माध्यम से प्रस्तुत ड्राइविंग लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को डिजिटल आइडेन्टिटी के रूप में दी मान्यता देकर वाहन चालकों को बड़ी राहत दी थी। फिर भी चैकिंग के दौरान प्रवर्तन अधिकारी वाहन चालकों पर दस्तावेजों के भौतिक रूप से जांच का दबाव बना रहे थे। परिवहन आयुक्त के पास लगातार ऐसी शिकायतें आने के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया।

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