कोरोनाकाल में मददगार / काढ़ा पीने से बढ़ती है रोग प्रतिरोधक क्षमता

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दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:24 AM IST

बांसवाड़ा. आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों और औषधियों से बना काढ़ा पीने से शरीर में रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ेगी। काढ़े में उपयोग ली गई औषधियां सुपर एंटी वायरस और एंटी ऑक्सीडेंटल है, शास्त्रीय है जो रोगों से बचाव करते हुए रोग प्रतिरोध क्षमा बढ़ाने में सहायक होती है। इसमें अम्रता, चिरामता, पीपल, गिलॉय, मुलेठी इम्युनिटी बढ़ाने में कारगर है। 
यह दावा आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. लक्ष्मणप्रसाद शर्मा ने किया है। शर्मा ने कहा कि आयुर्वेदिक काढ़ा बुखार, जुकाम, खांसी, कफ, गले की खराश, दर्द, सांस लेने में तकलीफ को दूर कर श्वसन तंत्र और पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है।  आयुर्वेद काढ़े में कंटकारी, बासा, हरिद्रा, सौंठ, मारंगी, तालिबपत्र, मधुयष्ठि, तुलसवी पंचाग, काली मिर्च, लाैंग, पिप्पली, चिरायता, गिलॉय को प्रभावी बनाने के लिए दालचीनी, मुनक्का, कच्ची हल्दी, कम मात्रा में देशी गुड़ मिलाया जा सकता है। अश्वगंधा भी सुपर ऑक्सीडेंटल है। इसलिए जिला आयुर्वेद अस्पताल स्टाफ और चल चिकित्सा प्रभारी डॉ. हेमंत पंड्या, मुकेश शर्मा, लक्ष्मणप्रसाद शर्मा समेत स्टाफ जनवरी से ही लोगों को आयुर्वेदिक काढ़ा पिलाने का काम कर रहे हैं। साथ ही हर माह इम्युन सिस्टम बढ़ाने, आयुर्वेदीय निदान और रोगोपचार डॉ. लक्ष्मणप्रसाद, सनत जैन, निर्मला, अंबालाल कर रहे हैं। मोबाइल एंबुलेंस प्रभारी लक्ष्मणप्रसाद शर्मा और टीम ने शहर में 7 से 12 अप्रैल तक सभी वार्डों में काढ़े का वितरण किया। 15 अप्रैल से प्रत्येक उपखंड मुख्यालय पर जाकर आयुर्वेद ब्लॉक प्रभारी को कोरोना वॉरियर्स की इम्युनिटी पावर बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा वितरित किया। 8 मई को हाउसिंग बोर्ड कर्फ्युग्रस्त इलाके में घर घर जाकर क्वाथ देकर काढ़ा बनाने की विधि बताई। आयुर्वेद विभाग की ओर से अब तक 7 हजार से अधिक क्वाथ के पैकेट वितरित किए।

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