14 साल के स्कूली बच्चों को लगा दी को-वैक्सीन:सेंट पॉल्स स्कूल में परिजनों का हंगामा, बच्ची को तीन दिन से था बुखार

बांसवाड़ा6 महीने पहले
संत पॉल्स स्कूल की 9वीं कक्षा की छात्रा।

सेंट पॉल्स स्कूल में तय (15 से 18 वर्ष) से कम उम्र के बच्चों को को-वैक्सीन लगाने का मामला बुधवार को गर्मा गया। इंदिरा कॉलोनी निवासी एक बच्ची के पिता ने मोबाइल पर वैक्सीनेशन सक्सेज का मैसेज देखा तो स्कूल पहुंचकर वैक्सिनेशन का विरोध किया।

इससे बात बिगड़ गई और यहां धक्का-मुक्की जैसे हालात बन गए। बच्ची के पिता का आरोप है कि उसके साथ स्कूल में बदसलूकी हुई है। इसके बाद पीड़ित पिता ने बेटी के साथ जिला कलेक्टर से मुलाकात की। इस शिकायत के बाद CMHO डॉ. एच. एल. ताबीयार एवं नयागांव PHC का स्टाफ भी कलेक्ट्रेट पहुंचा। इधर, स्कूल प्रबंधन की ओर से मामले में अब तक कोई जवाब नहीं दिया गया है।

विभाग से जारी हुआ ऑर्डर।
विभाग से जारी हुआ ऑर्डर।

दरअसल, ठीकरिया स्थित सेंट पॉल्स स्कूल में बुधवार को बच्चों को टीकाकरण होना था। तय समय पर नर्सिंग स्टाफ स्कूल पहुंचा। यहां पढ़ने वाली 9वीं कक्षा की इंशा खान पुत्री साजिद मोहम्मद खान को भी यहां वैक्सीनेशन किया गया। इस दौरान बच्ची से किसी तरह का आधार कार्ड नहीं लिया गया। न ही बच्ची के परिजनों को इस बारे में जानकारी दी गई। मोबाइल पर मैसेज देखने के बाद साजिद खान स्कूल पहुंचे तो बच्ची ने पूरा वाकया बताया। साजिद का आरोप है कि उनकी बेटी को बीते तीन दिन से बुखार आ रहा था। मौके पर सीरियल बच्चे को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं थी। क्लास में करीब 40 में से 20 बच्चे 14 साल के हैं। साजिद खान ने बताया कि बच्ची जन्म दिनांक 12 नवम्बर 2007 है। इस हिसाब से वह अभी 14 साल ही है, जबकि टीकाकरण 15 से 18 साल के बच्चों का हो रहा है।

संत पॉल्स स्कूल की बच्ची की जन्म तारीख का प्रमाण-पत्र।
संत पॉल्स स्कूल की बच्ची की जन्म तारीख का प्रमाण-पत्र।

कलेक्टर से की शिकायत
मामले में CMHO डॉ. एच.एल. ताबीयार ने बताया कि सरकार की गाइड लाइन में वर्ष 2007 में जन्मे बच्चों को वैक्सीन लगानी है। टीका लगाने से पहले कोविन एप में बच्ची की जन्म दिनांक डाली गई थी। सिस्टम से अप्रूवल मिलने के बाद स्टाफ ने टीका लगाया। अभी सरकार 12 साल तक के बच्चों को वैक्सीनेशन पर विचार कर रही है। इसके बावजूद लड़की के पिता ने वहां आकर स्टाफ से अभद्रता की। वहां मौजूद डॉ. नरेंद्र मईड़ा से भी अपशब्द बोले। शायद नयागांव स्टाफ ने कलेक्टर से इस बारे में एप्लिकेशन दी है, लेकिन FIR दर्ज कराने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।

ऑनलाइन जारी हुआ वैक्सीनेशन प्रमाण-पत्र।
ऑनलाइन जारी हुआ वैक्सीनेशन प्रमाण-पत्र।

जिम्मेदारों का ऐसा जवाब
मामले में चिकित्सा विभाग के RCHO डॉ. नरेंद्र कोहली ने बताया कि बांसवाड़ा में अब तक 20 लाख वैक्सीन डोज लगाई जा चुकी है। इसमें केवल 41 मामले ही शिकायत वाले सामने आए हैं। बच्ची की उम्र कम है या स्कूल में और भी छोटे बच्चों को टीका लगा है तो CMHO से बातचीत कर जो भी कार्रवाई करनी पड़ेगी वो करेंगे। इधर, स्कूल के प्रिंसिपल फादर शाइजो को लगातार दो फोन लगाए गए, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।