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हादसा:बीच सड़क लड़ते सांड ने बाइक सवार के पैर में सींग मारा, आए 17 टांके, पिता की हालत देख बेटा ट्रोमा वार्ड में गिरा, सिर फटा

बांसवाड़ा2 महीने पहले
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भगतसिंह काॅलाेनी के बाहर काॅलेज राेड की घटना

शहर की सड़काें पर बढ़ता मवेशियाें का झूंड अब लाेगाें के लिए आफत बनता जा रहा है। बेलगाम इन मवेशियाें की चपेट में आने से लगातार हादसे हाे रहे हैं। ताजा मामला गुरुवार सुबह काॅलेज राेड पर हुअा। यहां भगतसिंह काॅलाेनी निवासी चंद्रशेखर अराेड़ा बाइक पर सब्जी मंडी जाने निकले थे। काॅलाेनी के ठीक बाहर निकलते ही सड़क पर लड़ रहे दाे बैल की वह चपेट में आ गए।

बेकाबू एक बैल का सींग चंद्रशेखर के पैर में आर-पार निकल गया। जिससे वह बुरी तरह घायल हाे गए। घायल चंद्रशेखर ने बेटे जतिन अराेड़ा काे काॅल कर माैके पर बुलाया। थाेड़ी देर में माैके पर पहुंचा बेटा घायल पिता काे एमजी अस्पताल लेकर गया। जहां चंद्रशेखर के पैर से बह रहे खून काे राेकने के लिए 17 टांके लगाने पड़े। इस दाैरान पिता की चीखें सूनकर बेटा जतिन ट्राेमा वार्ड में ही गिर पड़ा।

जिस पर सिर में चाेट लगने से खून निकल आए। जिस पर उसे भी मरहम पट्टी कर भर्ती किया गया। गौरतलब है कि इससे पहले भी पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में सांड के सींग मारने के कारण एक वृद्ध की मौत हुई थी और आए दिन शहर के कस्टम चौराहे पर हादसे में लोग घायल होते हैं।

ये तस्वीर आपको विचलित कर सकती है, लेकिन सभापति को दिखाना जरूरी है

शहर की सड़कों पर 300 से ज्यादा मवेशी इकट्‌ठा

सड़काें पर हालात खराब हैं। मुख्य मार्गाें पर मवेशी झूंड में बैठे रहते है। हादसे में लाेग ताे घायल हाेते ही है कई बार मवेशी भी बेहद गंभीर रूप से घायल हाे जाता है या फिर जान तक चली जाती है। काॅलेज राेड पर खेल मैदान के सामने, दाहाेद राेड पर बाहुबली प्रवेश द्वार के नजदीक, नया बस स्टैंड, कलेक्ट्रेट के पीछे, उदयपुर राेड पर नूतन स्कूल के बाहर कचरा सेंटर पर मवेशियाें का जमावड़ा लगा रहता है।

शहर की सड़काें पर मवेशी बढ़ते जा रहे हैं, लाेग और कई बार मवेशी भी हादसाें का शिकार हाे रहे हैं?

-हमारी टीमाें ने बीते एक महीने में 300 मवेशी पकड़े और उन्हें सुरक्षित गाेशाला में रखवाया है। लगातार मवेशियाें काे पकड़ने की कार्रवाई की जा रही है।

टीमें कार्रवाई कर रही है ताे फिर सड़काें पर मवेशियाें की तादाद क्याें बढ़ रही है?

-वह इसलिए कि कुछ मवेशी मालिक दूध नहीं देने वाले मवेशियाें काे सड़काें पर खुला छाेड़ देते हैं। वहीं मवेशी काे पकड़ने पर गाेशाला जाकर जुर्माना राशि भरकर वापस ले अाते हैं। इसके बाद वापस उन्हें सड़काें पर छाेड़ देते हैं। मेरा आग्रह है कि

मवेशी अगर दूध नहीं दे रहा है ताे सड़काें पर नहीं छाेड़े बल्कि परिषद काे सूचना दें, परिषद उन्हें गाेशाला पहुंचाएगा।

लाेग लगातार हादसाें का शिकार हाे रहे, इसे राेकने के लिए क्या करेंगे?

-टीम की संख्या बढ़ाकर रात में मवेशियाें काे पकड़ने की कार्रवाई में तेजी लाएंगे। इसके अलावा शहर में मवेशी पालने वाले पशुपालकाें की सूची बनाकर उन्हें पाबंद करेंगे।

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