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बिजली के बिल:एक माह के बिल में दो महीने का स्थाई शुल्क, एक मीटर के दो बिल

बांसवाड़ा18 दिन पहले
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शहर में इन दिनों बिजली के बिलों में राशि देखकर लोग परेशान है। शहर में निजी कंपनी सिक्योर मीटर ने काम संभलाने के बाद से ही एक एक महीने का बिल देना शुरू किया है। जिसमें कई गड़बड़ियों को लेकर उपभोक्ताओं में आक्रोश है। औसत बिलों का वितरण नहीं होने से वैसे ही उपभोक्ता बिजली कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, वहीं एक महीने के बिलों में भी जहां दो महीने के स्थाई शुल्क आधा आना चाहिए, वहीं आधे से भी ज्यादा आ रहा है।

जहां स्थाई शुल्क की बात करें तो किसी उपभोक्ता का अगर 550 रुपए स्थाई शुल्क आता था, वहीं अब एक महीने के बिल में ही 360 रुपये से ज्यादा राशि वसूली जा रही है। हर बिल में प्रति यूनिट पर 25 से 30 पैसे ज्यादा वसूलने की भी शिकायत सामने आ रही है। वहीं उपभोक्ताओं के बिल के लिए आने वाले मैसेज भी भ्रामक करने वाले है, एक उपभोक्ता को दो-दो मैसेज आ रहे हैं, जिसमें भी अलग अलग राशि आ रही है। साथ ही लोगों के लिए ऑनलाइन रीडिंग की फोटो भेजने के लिए भी मुसीबत बन गई है।

उपभोक्ता- जलज जानी पुत्र देवीलाल जानी, शिव कॉलोनी दो महीने के बिल में स्थाई शुल्क- 575 रुपए एक महीने के बिल में स्थाई शुल्क-357 रुपए अतिरिक्त वसूली-70 की वसूली

उपभोक्ता- दिलीप महेश्वरी, चेतक कॉमप्लेकस दो महीना के बिल में स्थाई शुल्क- 550 रुपए एक महीने के बिल में स्थाई शुल्क-360 अतिरिक्त वसूली-135 रुपए

पार्षद को एक ही मीटर के बिल का मैसेज दो बार आया, दोनों की राशि अलग-अलग
पृथ्वीगंज निवासी पार्षद तरन्नुम ने बताया की उनके दो मीटर अलग अलग हैं। दोनों की ही दो-दो बार मैसेज आया, उसमें भी राशि अलग अलग है। इसलिए कंफ्यूज है कि सही कौनसा है। एक मीटर के पहले बिल का मैसेज 27 मई को आया जिसमें 6206 रुपए थे, उसके बाद 30 मई को फिर उसी मीटर के बिल का मैसेज आया जिसमें 9411 रुपए का बिल आया है। कंफ्यूजन के चलते बिल अभी तक नहीं भरा है। इधर, शहर के कई लोगों ने सिक्योर कंपनी हटाओ का अभियान चलाया है। जिसमें स्टीकर बनाकर डीपी बनाई जा रही है।

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