गुजरात सरकार के प्रवक्ता vs राजस्थान के मंत्री:माही बांध का पानी गुजरात को नहीं देने के जलसंसाधन मंत्री मालवीया के बयान के बाद गरमाई सियासत

बांसवाड़ा2 महीने पहलेलेखक: विजयपाल डूडी
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गुजरात सरकार के प्रवक्ता जीतू वाघाणी और राजस्थान के मंत्री महेंद्रजीत मालवीया - Dainik Bhaskar
गुजरात सरकार के प्रवक्ता जीतू वाघाणी और राजस्थान के मंत्री महेंद्रजीत मालवीया
  • जीतू वाघाणी का वार राजस्थान को माही का पानी देना पड़ेगा, हमारे 559 करोड़ चुकाए
  • महेंद्रजीत मालवीया बोले- पूरा पैसा देने को तैयार, हमारे हक का पानी लेकर ही रहेंगे

कैबिनेट मंत्री बनने के बाद महेंद्रजीत सिंह मालवीया की ओर से दिए गए बयान माही बांध का पानी गुजरात को नहीं देंगे, पर गुजरात में बवाल हो गया है। बुधवार को हुई गुजरात सरकार की कैबिनेट मीटिंग में इस पर हंगामा हुआ। गुजरात सरकार ने इस बयान को राजनीतिक स्टंट बताया और कहा कि इससे दोनों राज्यों के बीच दरारें बढ़ेगी।

कैबिनेट मीटिंग के फैसलों के बारे में शिक्षा मंत्री व प्रवक्ता जीतू वाघाणी ने कहा-राजस्थान माही बांध का पानी नहीं देगा तो खेड़ा जिले को कोई फर्क नहीं होगा, लेकिन पानी लोगों के लिए मूलभूत आवश्यकता है। इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। हम इस तरह की राजनीति नहीं करते हैं। गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री बनने के बाद मालवीया ने जयपुर में जलसंसाधन विभाग की मीटिंग लेने के बाद कहा था कि गुजरात काे अब माही बांध का पानी नहीं दिया जाएगा।

इस बात के पीछे उन्होंने गुजरात और राजस्थान के बीच साल 1966 में हुए अंतरराज्यीय जल समझौते को आधार बताते हुए कहा था कि गुजरात के खेड़ा क्षेत्र में नर्मदा का पानी नहीं पहुंचने तक माही बांध का 40 टीएमसी पानी देने तय हुआ था। माही का पानी नर्मदा तक पहुंच गया है।

गुजरात में कैबिनेट मीटिंग के बाद वाघाणी बोले-दो राज्यों के बीच दरार चाहती है राजस्थान सरकार

राजस्थान मंत्री मालवीया के बयान को कैसे देखती है गुजरात सरकार?

वाघाणी : यह केवल दो राज्यों के बीच दरार फैलाने वाला है। राजनीति स्टैंड के अलावा ज्यादा कुछ नहीं हैं। यह निंदनीय है कि राजस्थान के मंत्री ने माही बजाज सागर बांध से गुजरात को पानी नहीं देने की बात कहकर राजनीतिक नफरत को उजागर किया है। यह पानी के संबंध में हुए समझौते का उल्लंघन है। यह बयान राजस्थान सरकार के मंत्री की गुजरात विरोधी मानसिकता को उजागर करती है।

2. समझौते के हिसाब से खेड़ा तक नर्मदा का पानी पहुंच गया है?

  • गुजरात अभी भी समझौते के तहत राजस्थान को नर्मदा के पानी की आपूर्ति कर रहा है। गुजरात नर्मदा का 0.5 मिलियन एकड़ फीट पानी राजस्थान को दे रहा है। साथ ही गुजरात का राजस्थान सरकार पर 559 करोड़ का बकाया भी है। उसके बावजूद भी हमने पानी का बहाव नहीं रोका है। गुजरात कभी राजस्थान पर निर्भर नहीं रहा है और न ही रहेगा।

3. इस मुद्दे का क्या समाधान है?

  • दो राज्यों के बीच कांग्रेस ने दुश्मनी पैदा करने की कोशिश की है। गुजरात के कांग्रेसी नेताओं को भी पहल करते हुए राजस्थान सरकार को समझाना चाहिए कि पानी लोगों की मूलभूत सुविधा है। इसलिए पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। समझौते की पालना सरकार को करनी होगी।

1. गुजरात के मंत्री का आरोप है कि आप माही बांध के पानी को लेकर हुए समझौते का उल्लंघन कर रहे हैं?

मालवीया: उल्लंघन कहां कर रहे हैं। हम हमारे हक की बात कर रहे हैं, जो समझौता हुआ था। 1966 के समझौते में गुजरात के खेड़ा में नर्मदा का पानी नहीं पहुंचने तक पानी देना था। अब पानी पहुंच गया है, तो फिर हम अब पानी कैसे दें?
2. गुजरात सरकार कह रही है कि राजस्थान सरकार पर 559 करोड़ बकाया है?

  • जो बकाया बता रहे हैं 559 करोड़ वो हम दे देंगे। उसके लिए हमने मना कब किया है, लेकिन हमारे हक का पानी तो हम कैसे दें।

3. गुजरात सरकार का कहना है कि आप दो राज्यों में तनाव पैदा करने के लिए बयान दे रहे हो?

  • हम कैसे तनाव पैदा कर रहे हैं। तनाव तो गुजरात सरकार पैदा कर रही है। हम तो कह रहे हैं समझौते पर बात करो, जो समझौता हुआ है इस पर बात करोगे तो सच्चाई सामने आ जाएगी। मुद्दे तो राजनीतिक ही होते हैं। जब बैठकर समझौते को देखेंगे तो उनको भी सच्चाई का पता चल जाएगा।
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