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रिजल्ट के विरोध में सड़क पर उतरे कॉलेज स्टूडेंट्स:ऑनलाइन पेपर में तकनीकी कारण से आई बैक, कॉलेज के सामने रोका डूंगरपुर हाईवे, बोले: वापस से हो एक्जाम, प्रेक्टिकल सब्जेक्ट के लिए नहीं है फिल्ड

बांसवाड़ाएक वर्ष पहले
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बांसवाड़ा में गोविंद गुरु राजकीय महाविद्यालय के बाहर प्रदर्शन करते विद्यार्थी। - Dainik Bhaskar
बांसवाड़ा में गोविंद गुरु राजकीय महाविद्यालय के बाहर प्रदर्शन करते विद्यार्थी।

ऑनलाइन सेमेस्टर परीक्षा में बड़ी संख्या में कृषि संकाय के कॉलेज स्टूडेंट के फेल होने का मामला शनिवार को गरमा गया। रिजल्ट की खामियों पर नाराजगी जाहिर करते हुए ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) के नेतृत्व में स्टूडेंट्स ने यहां गोविंद गुरु राजकीय महाविद्यालय (GGGC) के सामने डूंगरपुर हाई-वे पर प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब एक घंटे तक वाहनों का आवागमन बाधित रहा। वाहन चालकों ने सड़क जाम देखकर ग्राउंड से वाहनों को निकाला। यहां स्टूडेंट्स ने न केवल नारेबाजी की बल्कि सेमेस्टर को खामी में सुधार करते हुए एक बार फिर ऑफलाइन परीक्षाएं कराने की वकालत की। आरोप लगाए कि कॉलेज में MPUAT (महाराणा प्रताप यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी) के माध्यम से कृषि संकाय चल रहा है। लेकिन, प्रेक्टिकल वाले सब्जेक्ट को लेकर यहां कॉलेज के पास किसी तरह का फील्ड नहीं है। सरकार से लेकर कॉलेज प्रशासन बच्चों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ को लेकर आंखें मूंदे हुए हैं। स्टूडेंट्स ने यह भी कहा कि जब तक फील्ड की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हो जाती उन्हें बोरवट स्थित यूनिवर्सिटी के KVK (कृषि विज्ञान केंद्र) में प्रेक्टिकल की अनुमति दी जाए। इससे पहले स्टूडेंट्स ने मांगों को लेकर कॉलेज प्रशासन के समक्ष समस्याएं रखी थीं, लेकिन, उनकी सुनवाई नहीं हुई तो यह मामला गरमाया।

डूंगरपुर हाईवे जाम करने के बाद दिशा भटकते वाहन।
डूंगरपुर हाईवे जाम करने के बाद दिशा भटकते वाहन।

स्टूडेंट्स की ये हैं मांगें

  • सेमेस्टर की जो परीक्षाएं ऑनलाइन कराई गई थीं। उसमें नेटवर्क खामी से स्टूडेंट्स हार्ड कॉपी वगैरह सब्मिट नहीं कर पाए थे। इस परीक्षा को अब ऑफलाइन कराई जानी चाहिए।
  • यूनिवर्सिटी को इस सेमेस्टर की बैक हटानी चाहिए।
  • वर्तमान में कृषि संकाय केवल दो व्याख्याताओं के भरोसे चल रहा है। विषयवार तकनीकी शिक्षक उपलब्ध कराए जाएं।
  • विषय प्रेक्टिकल से जुड़ा हुआ है। इसलिए सरकार और कॉलेज को कृषि फील्ड की सुविधा देनी चाहिए। व्यवस्था नहीं होने तक बोरवट KVK में स्थानांतरण किया जाए।
  • उनकी मांगों पर समय रहते गौर नहीं किया जाता है तो आगे आंदोलन और उग्र होगा।

ऐसी है हकीकत

  • कॉलेज के चार वर्षीय पाठ्यक्रम को लेकर हर साल JET के माध्यम से 60 स्टूडेंट लिए जाते हैं।
  • ICAR (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) से जुड़ी ऑल इंडिया डीन कमेटी बच्चों का पाठ्यक्रम तय करती है।
  • कोर्स पूरा होने के बाद स्टूडेंट को ऑनर्स डिग्री मिलती है।
  • बांसवाड़ा में GGGC में वर्ष 2018-19 में कृषि संकाय की शुरुआत हुई।
  • कोर्स का संचालन सेमेस्टर मोड पर हो रहा है। यानी हर 6 माह में एक्जाम की व्यवस्था है।
  • वर्तमान में यहां 4 वर्षीय पाठ्यक्रम के हिसाब से 240 स्टूडेंट पढ़ रहे हैं।
  • संकाय के हिसाब से यहां कुल 13 टेक्निकल लेक्चरर की आवश्यकता है। वर्तमान में सरकार ने केवल 3 पद ही स्वीकृत कर रखे हैं। इनमें भी 2 सेवारत हैं। एक स्थायी और एक पद डेपुटेशन से भरा है।
  • प्रत्येक सेमेस्टर में स्टूडेंट को 8-10 टेक्निकल सब्जेक्ट पढ़ने होते हैं। इसके अलावा मिड टर्म और प्रेक्टिकल की अलग से व्यवस्था है।
डूंगरपुर हाईवे पर विरोध के दौरान टायर फूंकते एबीवीपी कार्यकर्ता और स्टूडेंट्स।
डूंगरपुर हाईवे पर विरोध के दौरान टायर फूंकते एबीवीपी कार्यकर्ता और स्टूडेंट्स।

बेहतर के प्रयास
GGGC के कार्यवाहक प्राचार्य भूपेंद्र शर्मा ने कहा कि उनकी ओर से स्टूडेंट्स की समस्याओं को लेकर मंथन चल रहा है। इस बारे में यूनिवर्सिटी भी बातचीत की जा रही है। स्टाफ को लेकर समय-समय पर उच्च शिक्षा विभाग को जानकारी भेजते हैं।

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