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रिश्वतगढ़:17 लाख के कार्यों में 1.96 लाख की रिश्वत मांगी, परिचितों की फर्म के फर्जी बिलों से 1.74 लाख रुपए उठाने वाले थे

बांसवाड़ा22 दिन पहले
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एसीबी की गिरफ्त में रिश्वत की आरोपी ग्राम विकास अधिकारी, दलाल व सरपंच पति। - Dainik Bhaskar
एसीबी की गिरफ्त में रिश्वत की आरोपी ग्राम विकास अधिकारी, दलाल व सरपंच पति।
  • क्योंकि....20 दिनों में एसीबी की तीसरी बड़ी कार्रवाई, शोभावटी पंचायत की वीडीओ, सरपंच पति सहित तीन आरोपी 22 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

एसीबी ने कुशलगढ़ की ग्राम पंचायत शोभावट की ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) तारा कुंवर व सरपंच पति शांतिलाल कटारा काे 22 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। रिश्वत खुद लेने के बजाए पंचायत समिति से कुछ दूर रहने वाले महिपाल प्रजापत को उसके घर पर दिलवाई। एसीबी ने महिपाल को भी गिरफ्तार कर लिया है। बड़ी बात यह है कि 20 दिनों में कुशलगढ़ कस्बे में एसीबी की यह तीसरी कार्रवाई है।

एसीबी के एएसपी माधाेसिंह ने बताया कि कुशलगढ़ के शांतिलाल पंचाल, उसके पुत्र दिनेश व पार्टनर पवन ने परिवाद दिया था कि ग्राम पंचायत शाेभावट में विभिन्न निर्माण कार्य किए हैं। उन कार्याें के बिलाें के भुगतान की एवज में ग्राम विकास अधिकारी तारा कुंवर व सरपंच पति रिश्वत मांग रहे हैं। नरेगा कार्याें में 10 प्रतिशत व अन्य मदाें में हुए कार्यों में 13 प्रतिशत की दर से कुल 1.96 लाख रुपए की रिश्वत राशि मांगी जा रही है। इसमें 22 हजार रुपए नगद देने की डील हुई थी। सत्यापति होने के बाद रिश्वत की कार्रवाई की गई।

शांतिलाल पंचाल (परिवादी)
मैडम हमारे कार्यों का भुगतान हो जाता तो ठीक रहता।

ग्राम विकास अधिकारी
देखो। 1.74 लाख रुपए जमा हो गए हैं। बाकी पैसा आपको देना है। मेरे कोई मिलने वाले हैं। उनसे कुछ लेनदेन बाकी है। वह पैसा उनको दे देना। मैं तो कोई राशि लूंगी नहीं, क्योंकि-इन दिनों पकड़-धकड़ चल रही है। मेरी स्कूटी के पीछे-पीछे आ जाओ।
(ग्राम विकास अधिकारी और परिवादी टिमेड़ा बस स्टैंड पहुंचते हैं। यहां महिपाल प्रजापत नाम के व्यक्ति, जो लोहे के दरवाजे बनाने का काम करता है। उससे मुलाकात होती है। यहां पर सरपंच पति शांतिलाल कटारा भी बैठा मिलता है।)
ग्राम विकास अधिकारी व सरपंच पति : नगद पैसा महिपाल को दे दो।
(महिपाल जैसे ही रिश्वत के 22 हजार रुपए लेकर जेब में रखता है। एसीबी टीम रिश्वत के आरोपियों को दबोच लेती है।)

एसीबी : आप लोग कौन है। यहां क्या हिसाब-किताब चल रहा है। 22 हजार रुपए किसके हैं। सरपंच पति : मेरा कुछ लेना देना नहीं है। महिपाल के काम के पैसा बकाया था, वह उसे लेना था। महिपाल (दलाल) : सरपंच का कुछ काम किया था। उस कार्य के पैसे लिए है। एसीबी : क्या तुम शांतिलाल व अन्य को जानते हो? यहां क्या कर रहे हो? महिपाल : मैं जानता हूं, लेकिन इनसे मेरा कोई लेनदेन नहीं है। यह राशि तो सरपंच ने दिलवाई हैं। (इसके बाद एसीबी ने ग्राम विकास अधिकारी व सरपंच पति को गिरफ्तार कर लिया और डिप्टी ऑफिस ले गई।) एसीबी ने पूछा कि 1.96 लाख रुपए में किस-किस का कितना कमिशन है। जवाब में ग्राम विकास अधिकारी व सरपंच पति ने कहा कि हमारा कुछ नहीं है। ऑफिस का खर्चा चलता है। - (जैसा कि एसीबी के अधिकारियों व परिवादी ने घटनाक्रम के बारे में बताया।)

सरपंच पहली बार बनी हैं लक्ष्मी, वीडीओ 4 साल से
रिश्वत के मामले में पकड़े गए शांतिलाल कटारा की पत्नी लक्ष्मी पहली बार सरपंच बनी हैं। जबकि ग्राम विकास अधिकारी तारा कुंवर करीब 4 साल से हैं।

रिश्वत के खेल की पूरी कहानी; 12 लाख के पंचायत भवन के काम में 1.21 और 5 लाख के सामुदायिक भवन में 75 हजार की रिश्वत
एसीबी के एएसपी माधोसिंह सोढ़ा ने बताया कि परिवादी निमेश कुमार की फर्म पंचाल कंस्ट्रक्शन की ओर से वर्ष 2019-20 में ग्राम पंचायत शोभावटी में नरेगा और टीएडी मद से सामुदायिक भवन का निर्माण किया था। पंचायत भवन के काम का बिल 12 लाख रुपए बना था। इसमें 1.21 लाख रुपए का कमिशन मांगा। 5 लाख रुपए के सामुदायिक भवन के कार्य में 75 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। भुगतान करने से पहले आरोपी तारा कुंवर और शांतिलाल ने प्रार्थी निमेश से मनरेगा के कुल भुगतान का 13 और भवन निर्माण की कुल राशि का 10 प्रतिशत कमीशन मांगा, जो करीब 1.96 लाख रुपए बैठता है। सरपंच पति व वीडीओ ने परिवादी को तर्क दिया था कि जीएसटी लगेगा। इससे अच्छा है कि 1.74 लाख रुपए परिचितों की फर्मों के बिल लगाकर उठा लेंगे। सिर्फ 22 हजार रुपए का भुगतान कर दो। यह राशि देने पर बाकी दूसरे कार्यों का भुगतान भी करवा देंगे। परिवादी ने 23 अगस्त को एसीबी को शिकायत की। जिसका सत्यापन 24 व 25 अगस्त को किया।

महिपाल ने किस काम के रुपए लिए
महिपाल ने ग्राम पंचायत में खिड़की, दरवाजाें आदि का कुछ काम किया था। पंचायत से उस राशि का भुगतान बकाया था। ग्राम विकास अधिकारी व सरपंच पति ने उस भुगतान की आड़ में रिश्वत की यह राशि महिपाल काे दिलवा दी। एसीबी ने इस मामले में महिपाल काे गिरफ्तार किया है, लेकिन उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।

चौंकाने वाला
15 अगस्त को बीडीओ फिरोज ने भी ग्राम विकास अिधकारी को दिलवाई थी रिश्वत | 15 अगस्त काे एसीबी की टीम ने पंस कुशलगढ़ के बीडीओ फिराेज खान काे उसके सरकारी आवास से 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथाें गिरफ्तार किया था। उसी दिन एक अन्य कार्रवाई में एसीबी की टीम ने एक अन्य मामले में इसी बीडीओ के लिए 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते काेटड़ा राणा के ग्राम विकास अधिकारी मलजी काे गिरफ्तार किया था।

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