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आरएएस 2018 में वागड़ अव्वल:टीएसपी में बागीदौरा के चर्चित और डिसएबल कैटेगरी में बड़ाेदिया के दृष्टिहीन जयनीत प्रथम

बांसवाड़ा12 दिन पहले
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जयनीत पाठक, डिसएबल रैंक-1 - Dainik Bhaskar
जयनीत पाठक, डिसएबल रैंक-1
  • जिद; देख नहीं सकता, साइकिल चलाना सीखा तो आरएएस क्यों नहीं बन सकता
  • प्रण; तैयारी के दौरान कीपैड मोबाइल ही रखा क्योंकि एंड्रॉइड से समय बर्बाद होता है

राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की गई आरएएस संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2018 के इंटरव्यू का परिणाम जारी हुआ। आयाेग ने लॉकडाउन से अनलॉक होने के साथ ही सबसे बड़ी भर्ती का परिणाम जारी किया है। इस परीक्षा में प्रदेश में पहली रैंक ताे झुंझुनूं की मुक्ता राव ने टॉप हासिल की है।

वहीं टीएसपी क्षेत्र में पहली रैंक हासिल करने वाले बागीदौरा के 29 साल के चर्चित मेहता है, जिनकी स्टेट रैंकिंग 110वीं है। वहीं विशेषयाेग्यजन कैटेगरी में पहली रैंक बडा़ेदिया के जयनित पाठक की है। इसके अलावा भी इन परिणामों में वागड़ की कई सारी प्रतिभाओं ने परचम लहराया है। आयोग द्वारा कुल 1051 पदों के लिए इस भर्ती प्रक्रिया का आयोजन किया था। इसमें नॉन टीएसपी क्षेत्र के 1014 और टीएसपी क्षेत्र के 37 पद शामिल हैं।

चर्चित मेहता, टीएसपी रैंक-1
चर्चित मेहता, टीएसपी रैंक-1

2013 में बीटेक, प्रशासनिक सेवा का सपना आठ साल में पूरा हुआ
बागीदौरा के चर्चित मेहता ने आरएएस 2018 की अंतिम परीक्षा में टीएसपी में पहली और राज्य में 110 वीं रैंक हासिल की हैं। 2013 में बीटेक किया। उसके बाद यूपीएससी/आईएएस की तैयारी के लिए दिल्ली गए।जहां परीक्षा में 4 बार प्री क्लियर किया लेकिन मेन्स निकाल नहीं पाया। फिर 2018 में अधिस्नातक इतिहास से किया और हिस्ट्री से नेट/जेआरएफ में प्रदेशभर में टॉप किया। इसके बाद एंड्रॉइड मोबाइल खरीदा।

इससे पहले कीपैड फोन ही था। इधर, 2016 में आरएएस की प्री और मेन्स तो उत्तीर्ण की लेकिन इंटरव्यू में असफल रहे। विगत 8 सालों से घर वालों को परीक्षा में चयन नहीं हुआ तो शर्मिंदगी महसूस होती थी। लेकिन हार नहीं मानी और नियमित 12 घंटे की पढ़ाई के साथ फिर आरएएस 2018 की भर्ती के लिए जुट गए।

शिक्षक पिता जयंतीलाल मेहता, मां पुष्पा देवी, दादी सुमति देवी, भाई अर्चित को सफलता का श्रेय दिया। पिता ने बताया कि बेटा बार-बार कहता था कि पापा मैं थक गया। हर जगह असफलता ही हाथ लग रही है।

कमजोरी को हावी नहीं होने दिया, आरएएस चौथी सरकारी नौकरी
बड़ोदिया में रहने वाले नेत्रहीन जयनीत पाठक का चौथी बार सरकारी नौकरी में चयन हुआ है। उनका लक्ष्य आरएएस बनना था इसलिए जन्मजात बीमारी को जिंदगी में बाधा नहीं बनने दिया। जयनीत बड़ोदिया के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में सेकंड ग्रेड टीचर हैं। नौकरी में रहते हुए आरएएस (टीएसपी) की डिसएबल सूची में उन्होंने पहला स्थान बनाया है। टीएसपी की सामान्य सूची में उनकी रैंक 52वीं है।

इससे पहले जयनीत ने 2013 से निठाउआ ग्राम पंचायत में एलडीसी की सेवाएं दीं। 2018 में थर्ड ग्रेड टीचर में उनका चयन हुआ। 2020 में सेकंड ग्रेड शिक्षक की सूची में उनका नाम आ गया। वर्तमान में बड़ोदिया स्कूल में हिन्दी के शिक्षक के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं। उनकी पत्नी मंदाकिनी का भी उनकी सफलता में बड़ा सहयोग है।

पिता देवीलाल पाठक के अनुसार, नहीं देख पाने के बावजूद जयदीप का बचपन सामान्य बच्चों के साथ गुजरा है। वह उनकी आवाज सुनते हुए पूरे मौहल्ले में खेला करता था। हार कभी नहीं मानी।

साइकिल-क्रिकेट का शौक
जयनीत कहने को नेत्रहीन हैं, लेकिन उन्हें साइकिल चलाने का भी शौक है। जयनीत क्रिकेट भी खेलते हैं। वर्ष 2018 में इंडियन ऑयल की ओर से जयपुर में हुई प्रतियोगिता में उन्होंने विशेष तरह की गेंद के साथ टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। उनकी टीम तीसरे क्रम पर रही थी।

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