एनएच पर डीजल चुराने वाली अंतरराज्जीय चोर गैंग पकड़ी:महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और राजस्थान में करते थे वारदात, अदालत ने बदमाशों को पुलिस रिमांड के लिए भेजा

बांसवाड़ा5 महीने पहले
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बिछीवाड़ा पुलिस की कार्रवाई मे� - Dainik Bhaskar
बिछीवाड़ा पुलिस की कार्रवाई मे�

नेशनल हाई-वे पर खड़े ट्रकों से डीजल चुराने वाली गैंग का गुरुवार को बिछीवाड़ा (डूंगरपुर) पुलिस ने पर्दाफाश किया। थाना क्षेत्र के मौजा बरोठी इलाके से गुजरते हाई-वे पर ट्रक से डीजल चुराने का प्रयास करते समय पुलिस ने गैंग के सामगीबोड़ी तहसील मकसी, थाना बेरछा जिला शाजापुर (मध्यप्रदेश) निवासी मोड़सिंह (38) पुत्र मांगीलाल जाट तथा इंदिरा कॉलोनी, थाना नागदा जिला उज्जैन निवासी शेरू खान (36) पुत्र भइयू खान मेवाती को धरदबोचा। उनके कब्जे से एक ट्रक एवं डीजल चुराने वाले उपकरण और डीजल भरे हुए 6 जरीकेन भी पुलिस ने बरामद किए। पूछताछ में आरोपियों ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में वारदातें करना स्वीकार किया। गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड में भेजने के आदेश हुए। गौरतलब है के क्षेत्र के ढाबों पर खड़े रहने वाले ट्रकों से ईंधन चोरी होने की शिकायतें पुलिस को लंबे समय से मिल रही थी। थानाधिकारी रिजवान खान ने बताया कि वह जाप्ते के साथ दिन में हाई-वे की गश्त पर थे। तभी मौजा बरोठी के पास कुछ संदिग्ध युवक एक ढाबे के बाहर खड़ें ट्रक से डीजल चोरी के प्रयास में थे। तभी पुलिस वाहन को देखकर संदिग्धों ने मौके से भागने की कोशिश की। शक पर पुलिस ने दूर तक पीछा किया और घेरा डालकर पकड़ लिया। आरोपियों ने पूछताछ में चाेरी की बात कबूली। उनके पास से पुलिस को दो पाइप, डीजल चुराने वाले उपकरण मिले। बाद में उनके माध्यम से पुलिस उनके ट्रक तक पहुंची, जिसमें पहले 6 जरीकेन डीजल मौजूद था। तीन राज्यों में चोरी की वारदात कबूलने के बाद आरोपियों ने स्वयं के खिलाफ कई थानों में दर्ज मामलों का सच बताया। अब पुलिस रिमांड अवधि में आरोपियों से दूसरे सच कबूलवाने का प्रयास कर रही है।

ढाबे के बाहर खड़ा वह ट्रक जिसके डीजल टैंक से डीजल निकालने की कोशिश में थे बदमाश।
ढाबे के बाहर खड़ा वह ट्रक जिसके डीजल टैंक से डीजल निकालने की कोशिश में थे बदमाश।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस की सख्ती पर चोरों ने अपराध के तरीके से भी अवगत कराया। बताया कि वारदात के समय वह खुद का ट्रक साथ रखते थे। हाई-वे पर ऐसे ढाबों का चयन करते थे, जहां पहले से ट्रक खड़े हुए होते थे। वहीं उनके चालक खा-पीकर सुस्ताते थे। कारगुजारी के लिए वह उनके ट्रक के डीजल टेंक के ऊपर एक बॉक्सनुमा सिस्टम रखते हैं, जिसमें पाइप एवं डीजल खींचने वाले उपकरण होते थे। पास में सटाकर खड़े ट्रक से वह आसानी से डीजल निकाल लेते थे।

कंटेंट : लोकेश कुमार कलाल (बिछीवाड़ा)

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