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कैनाल के घटिया निर्माण पर किसानों का हंगामा:जल संसाधन विभाग के पुंजेला बांध की जल वितरण कमेटी की बैठक में उठा मुद्दा, किसानों ने सुनाई खरी-खोटी, कमेटी चुनाव पर भी हुई चर्चा

बांसवाड़ा2 महीने पहले
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पूंजेला बांध पर जल वितरण समिति - Dainik Bhaskar
पूंजेला बांध पर जल वितरण समिति

पुंजेला बांध पर जल वितरण कमेटी की शनिवार को हुई बैठक में कैनाल के घटिया निर्माण का मुद्दा गरमा गया। बांध से जुड़ी एलएमसी (बायीं मुख्य नहर) और आरएमसी (दायीं मुख्य नहर) में घटिया निर्माण को लेकर किसानों ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को घेर लिया।

हंगामा करते हुए किसानों ने कहा कि एलएससी के चेन नंबर 64 से 85 तक नहर की ऊंचाई 45 सेमी रखी गई है, जबकि 0 से 63 तक कैनाल की यह ऊंचाई 80 सेमी है। इसी तरह चेन संख्या 85 से आगे की ओर भी यह ऊंचाई 80 सेमी है। किसानों ने आरोप लगाया कि नहर मरम्मत वाले कार्य के दौरान घटिया रेत होने के साथ सीमेंट का रेशो कम है। गिट्‌टी को बिठाने के लिए वाइब्रेटर का उपयोग नहीं हो रहा है। मुख्य मार्ग पर पुलिया की भी अनदेखी की गई है। किसानों की ओर से दागे गए ऐसे ही सवालों के बीच विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे रहे। किसानों ने अधिकारियों को आपत्ति जताते हुए खूब खरी खोटी सुनाई।

किसानों के दागे गए सवालों का जवाब देते जिम्मेदार।
किसानों के दागे गए सवालों का जवाब देते जिम्मेदार।

इससे पहले बैठक में रिजर्व वाटर मैनेजमेंट एक्सपर्ट अशोक भारद्वाज, विभाग के सहायक अभियंता दिनेश पाटीदार, वासुदेव सरगड़ा और जल वितरण कमेटी के अध्यक्ष प्रभुलाल त्रिवेदी मौजूद थे। किसानों ने अधिकारियों को सीधे शब्दों में कहा कि नहर का लेवल एक जैसा होना चाहिए। अगर, ऐसा नहीं होता है तो किसानों की ओर से आंदोलन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी विभाग की होगी। जिम्मेदारों ने आश्वासन देकर किसानों के गुस्से को शांत कराया। गौरतलब है कि पुंजेला बांध का संचालन जल संसाधन विभाग की देखरेख में होता है। खेती के लिए सिंचाई पानी छोड़ने से पहले विभाग और जल वितरण कमेटी के बीच आवश्यक बैठक तय होती है। इस आधार पर क्षेत्रवार पानी की सप्लाई तय होती है।

जल वितरण समिति की बैठक में नाराजगी व्यक्त करते किसान।
जल वितरण समिति की बैठक में नाराजगी व्यक्त करते किसान।

किसानों को नए नाम जोड़ने की दी जिम्मेदारी
बैठक में विभाग के ही एक ओर निर्णय से किसानों में नाराजगी बढ़ गई, जब उन्हें बताया कि पुंजेला, बोड़ीगामा, गलियाना और कांठड़ी बांध की जल वितरण कमेटी के प्रस्तावित चुनाव को लेकर मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने का काम किसान ही करेंगे। विभाग के पास अभी 2008 की मतदाता सूची है, जबकि किसान वर्तमान मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में विभाग ने नई सूची में नाम जोड़ने की जिम्मेदारी किसानों को ही सौंप दी। अब इस मुद्दे को लेकर भी किसानों ने चुनाव प्रक्रिया का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।
बता दें कि जल वितरण कमेटी के अंतिम चुनाव 2014 में हुए थे। इस हिसाब से कुल 5 साल कार्यकाल वाली कमेटी के चुनाव 2020 में होने चाहिए थे, लेकिन चुनाव से पहले कोरोना बढ़ने लग गया। ऐसे में चुनाव को लेकर होने वाली बैठक समय पर नहीं हुई। दो साल कोेराेनाकाल के बाद अब एक बार फिर बैठक को लेकर चर्चा हुई।

इनपुट : एम.पी.सिंह चौहान (पूंजपुर)

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