दैनिक भास्कर उत्सव यात्रा:कंस ने देवकी की 8वीं संतान समझ आकाश में उछाला, तब से इस पहाड़ी पर नंदनी मां विराजमान

बांसवाड़ाएक वर्ष पहले
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बांसवाड़ा से 22 किमी दूर बड़ोदिया के पास गुजरात के प्रसिद्ध तीर्थ पावागढ़ का प्रतिरूप धाम स्थित है। - Dainik Bhaskar
बांसवाड़ा से 22 किमी दूर बड़ोदिया के पास गुजरात के प्रसिद्ध तीर्थ पावागढ़ का प्रतिरूप धाम स्थित है।

बांसवाड़ा से 22 किमी दूर बड़ोदिया के पास गुजरात के प्रसिद्ध तीर्थ पावागढ़ का प्रतिरूप धाम स्थित है। इसे श्रद्धालु ‘वागड़ का पावागढ़’ कहते हैं। विशाल पर्वत पर यहां मां नंदनी विराजमान हैं। पुजारी रामदास महाराज बताते हैं कि नंदनी देवी ने यशोदा के गर्भ से जन्म लिया। कंस ने देवकी की 8वीं संतान समझकर उन्हें मारने के लिए आकाश में उछाला, लेकिन मां नंदनी यहां स्थापित हो गईं।

नारी रूप में गांवों में होली खेलने आती थीं देवी
होली पर शोध कर चुके डॉ. कमलेश शर्मा ने बताया कि जनश्रुति के अनुसार देवी पहले होली के परंपरागत गैरनृत्य खेलने नारी रूप में गांवों में आती थी। एक बार कुम्हार जाति के एक व्यक्ति ने यह भेद जानने का दुस्साहस किया। देवी ने श्राप दे दिया। तब से बड़ोदिया में कुम्हारों का स्थायी वास न हो पाया।
मंदिर पहुंचने के लिए बड़ोदिया व चोखला की ओर से 500-500 सीढ़ियां हैं।

नन्दगोपगृहे जाता, यशोदा गर्भ सम्भवा, ततस्तौ नाशयिष्यामि विंध्याचल निवासिनी

नंदा नाम की देवी का उल्लेख दुर्गा सप्तशती के 11वें अध्याय के 42वें श्लोक में मिलता है। देवी कहती हैं- मैं नंद के घर उनकी पत्नी यशोदा के गर्भ से अवतरित होकर विंध्याचल में जाकर रहूंगी। असुरों का नाश करूंगी।

फोटो व कंटेंट- ताराचंद गवारिया

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