धर्म समाज संस्था / कैंसर से कम, लेकिन भय से ज्यादा मरते हैं लोग : आचार्य

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  • बाहुबली दिगंबर जैन मंदिर में पुलक सागरजी के प्रवचन

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 08:31 AM IST

बांसवाड़ा. बाहुबली दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य पुलक सागरजी ने अपने प्रवचन में कहा कि कई बार जब हम निश्चित होकर पलंग पर सो रहे होते हैं, अचानक कहीं से आवाज आती है अरे भाई उठो, जल्दी उठो, तुम जिस पलंग पर सो रहे हो उसके नीचे सांप है। हमारा शरीर थरथर कांपने लगता है और हम पलंग छोड़कर भागना प्रारंभ कर देते हैं।

हम अपने आप से ही एक प्रश्न पूछना चाहते है कि सांप तो तब भी पलंग के नीचे था जब हम घोड़े बेच कर सो रहे थे, और तब भी था जब हम भागने के लिए मजबूर हो रहे थे। आचार्य जी ने कहा कि कारण एक, कार्य दो, यह कैसी बात। कारण पहले भी उपस्थित था जब हम निश्चिंत होकर सो रहे थे, लेकिन तब हम अज्ञानता वश उससे प्रभावित थे, जिससे कि हमारे सुख में कोई बाधा नहीं पहुंची और कारण तब भी उपस्थित था जब हम भाग रहे थे।

जानकारी वश हम कारण से प्रभावित हो चुके थे जिससे कि हमारा सुख दुख में बदल गया। आचार्य जी ने कहा कि किसी ने ठीक ही कहा है, मौत से जितने आदमी मरते हैं उससे ज्यादा मौत के डर से मरते हैं। लोभ मृत्यु का आमंत्रण है। आचार्य श्री अपने प्रवचन में यह भी बताया कि लोभ समस्त बुराइयों की जड़ है, बुद्धिमान भी लोभ के कारण सद मार्ग से विचलित हो जाते हैं।

आचार्य कुंदकुंद देव ने कहा है कि समभाव और संतोष रूपी जल से तृष्णा और लोभ के मल को धोने वाले व्यक्ति का अंत करण पवित्र होता है। अति लोभ उनकी मृत्यु का कारण बन जाता है, लोभी व्यक्ति की बुद्धि जड़ बन जाती है । वह मृत्यु के मूल्य पर भी धन को इकट्ठा करने से नहीं चुकता है।

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