आस्था:महंत घनश्यामदास जी बोले यज्ञ करने से वायुमंडल और पर्यावरण में शुद्धता आती है

नाैगामा2 महीने पहले
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  • श्री गुरु आश्रम छींच में चल रहे 31 दिवसीय गायत्री यज्ञ में समर्पित की आहुतियां

श्री गुरु आश्रम छींच में चल रहे 31 दिवसीय गायत्री यज्ञ के अवसर पर मंगलवार को पंडित नरेंद्र आचार्य के निर्देशन में विप्रवरों ने गायत्री मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां समर्पित करते हुए विश्व कल्याण की कामना की। इस अवसर पर महंत घनश्यामदास जी महाराज ने बताया कि यज्ञ करने से व्यष्टि नहीं अपितु समष्टि का कल्याण होता है।

अब इस बात को वैज्ञानिक मानने लगे हैं कि यज्ञ करने से वायुमंडल एवं पर्यावरण में शुद्धता आती है। संक्रामक रोग नष्ट होते हैं तथा समय पर वर्षा होती है। यज्ञ करने से सह बंधुत्व की सद्भावना के साथ विकास में शांति स्थापित होती है। वर्तमान में देश ही नहीं पूरा विश्व कोरोना महामारी के संकट से जूझ रहा है।

ऐसे वक्त में यज्ञ में आहुति समर्पित कर विश्व कल्याण की कामना करना ही सर्वोपरि है। यज्ञ से न केवल वातावरण की शुद्धि होती है, बल्कि विश्व के मानव जगत का कल्याण भी होता है। भारतीय वैदिक परंपरा में यज्ञ महत्वपूर्ण था और यज्ञ की शुरुआत से ही दिनचर्या शुरू होती थी। उन्होंने आराधना, साधना और उपासना के संबंध में विस्तार पूर्वक समझाते हुए सभी से अपने जीवन में उतार लेने के लिए प्रेरित किया। यज्ञ अनुष्ठान में नारायणलाल आचार्य, रमेश त्रिवेदी, राजेश त्रिवेदी, सतीश त्रिवेदी, वासुदेव पण्ड्या, कृष्णकांत द्विवेदी सहित विप्रो ने आहुतियां दी। साथ ही मिट्टी से शिवलिंग निर्माण कर मंगल यंत्र बना कर शिव पार्थिवेश्वर चिन्तामणी पूजन किया गया।

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