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  • Mahi Dam Can Be Filled In August, In 2020 The Level Of The Dam Was 270.75 On This Day, This Time The Level Is 272.50 Meters, Then It Rained 5 Thousand 984 Mm Water In Only Four Days

अगस्त में भर सकता है माही डेम:पिछले साल आज के दिन बांध का लेवल 270.75 था, इस बार 2021 में लेवल 272.50 मीटर है, तब केवल चार दिन में बरसा था 5 हजार 984 एमएम पानी

बांसवाड़ा10 महीने पहले
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माही बांध के अभी के हालात। - Dainik Bhaskar
माही बांध के अभी के हालात।

पिछले साल की ही तरह इस बार भी 23 अगस्त को माही डेम के गेट खुलने की संभावनाएं बन रही हैं। पिछले साल अगस्त के 4 दिन में बांसवाड़ा में 5 हजार 984 एमएम बरसात हुई थी। तब बांध में जबरदस्त पानी आया था। एकाएक बांध के गेट खोलने पड़ गए थे।

तब 6 अगस्त को बांध का जल स्तर 270.75 मीटर था। उस दौरान 21, 22 व 23 अगस्त को डेम में बड़ी तादात में माही डेम में पानी आया था। इसके जवाब में आज 6 अगस्त 2021 को बांध का जल स्तर 272.50 है। यानी बांध अपनी कुल भराव क्षमता 281.5 मीटर की तुलना में अभी 9 मीटर खाली है। पिछले साल भी मानसून देरी से आया था। इस बार भी हालात मिलते-जुलते हैं। तब भी बांसवाड़ा में सूखे की आशंका जोर पकड़ रही थी, लेकिन अगस्त महीने में हुई बरसात के बाद हालात बदल गए थे। यहां खेत खलिहानों के लिए पूरे साल का पर्याप्त पानी बरस गया था।

बांसवाड़ा में पाला पुलिया के समीप पुराने शहर से बहता बरसाती पानी।
बांसवाड़ा में पाला पुलिया के समीप पुराने शहर से बहता बरसाती पानी।

शुक्रवार सुबह 9 बजे से 11 बजे तक बांसवाड़ा में झमाझम एक स्तर की बारिश हुई। बादल भी जमे रहे। हवाएं भी थमी रही। बरसात की झड़ी ने लोगों को पिछले साल अगस्त में बने उन दिनों की याद दिला दी, जब अगस्त के अंतिम 10 दिनों में लोगों को आकाश में सूरज की झलक भी देखने को नहीं मिली थी।

शुक्रवार सुबह 10.30 बजे बांसवाड़ा के गांधी मूर्ति इलाके में होती बरसात।
शुक्रवार सुबह 10.30 बजे बांसवाड़ा के गांधी मूर्ति इलाके में होती बरसात।

वर्ष 2020 के वो चार दिन
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के आंकड़ों पर गाौर करें तो वर्ष 2020 में जिले के कुल 14 बारिश पोइंट पर 22 अगस्त को 1073 एमएम बरसात एक दिन में हुई थी। इसके बाद 23 अगस्त को तो सभी रिकॉर्ड टूट गए थे। यहां एक दिन में 2853 एमएम पानी बरसा था। इसी तरह 24 को 973 एमएम और 30 अगस्त को एक बार फिर 1085 एमएम बरसात का रिकॉर्ड दर्ज हुआ था। दूसरी ओर माही बांध में 21,22 व 23 अगस्त को सबसे ज्यादा जल राशि डेम में आई थी। यह पानी मध्यप्रदेश से बहते हुए माहीडेम के बेकवाटर वाले भराव क्षेत्र में भर गया था। तब 23 अगस्त को बांध के गेट खोले गए थे।

सुबह 11 बजे कस्टम इलाके में बारिश के बीच गुजरते वाहन।
सुबह 11 बजे कस्टम इलाके में बारिश के बीच गुजरते वाहन।

6 अगस्त की सुबह केवल 3 एमएम
बांसवाड़ा में बरसात का रिकॉर्ड देखें तो अभी तीन दिन से यहां बरसात नहीं के बराबर है। शुक्रवार सुबह तक केवल दानपुर ऐसा इलाका है, जहां 3 एमएम बरसात दर्ज की गई है। वहीं बांसवाड़ा, केसरपुरा, घाटोल, भूंगड़ा, जगपुरा, गढ़ी, लोहारिया, अरथूना, बागीदौरा, शेरगढ़, सल्लोपाट और कुशलगढ़ में एक बूंद पानी नहीं गिरा। लेकिन, सुबह 9 बजे बाद बांसवाड़ा में करीब दो घंटे हुई झमाझम ने लोगों को पिछले साल वाला अगस्त का महीना याद दिला दिया।

चांदपोल गेट के पास दुकानों की छत से सड़क पर गिरता बरसाती पानी।
चांदपोल गेट के पास दुकानों की छत से सड़क पर गिरता बरसाती पानी।

एक बार डेम भरा तो चिंता कम
बांसवाड़ा में जल स्त्रोत का सबसे बड़ा माध्यम माही बांध है। यहां एक स्तर तक पानी भरने के बाद बांसवाड़ा में सूखा पड़ने जैसी आशंकाओं को विराम लग जाता है। इसकी जलराशि से पूरे जिले की जलापूर्ति संभव हो जाती है। इसलिए जिले में बरसात की अपेक्षा लोगों में मध्यप्रदेश सीमा पर बरसात होने की चिंता ज्यादा है। लोगों का मानना है कि वहां पर्याप्त पानी बरस गया तो बांध में पानी आएगा। माही के पानी से पूरे जिले को सिंचाई का पानी नहीं मिलता बल्कि मछली पालन से लेकर कई सारे रोजगार के माध्यम खुल जाते हैं।

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