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आश्रय स्थल में डिलेवरी:प्रसूता बाेली- आधार कार्ड नहीं था ताे अस्पताल में भर्ती नहीं किया

बांसवाड़ा3 महीने पहले
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नए बस स्टैंड स्थित आश्रय स्थल में गुरुवार को नवजात को जन्म देने के बाद महिला काे एंबुलेंस की ओर ले जाते लाेग। - Dainik Bhaskar
नए बस स्टैंड स्थित आश्रय स्थल में गुरुवार को नवजात को जन्म देने के बाद महिला काे एंबुलेंस की ओर ले जाते लाेग।

शहर के रतलाम मुख्य मार्ग स्थित नए बस स्टैंड के पास स्थित नगर परिषद के आश्रम स्थल में गुरुवार काे महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। उसके असहनीय दर्द को देखकर आश्रय स्थल के कर्मचारियों ने एक नर्सिंग कर्मचारी की मदद ली और स्वस्थ नवजात काे जन्म दिलाया। प्रसूता और नवजात दोनों स्वस्थ हैं। फिलहाल कुछ स्वयंसेवियों के सहयोग से उसे एक बार फिर एमजी अस्पताल में भर्ती कराया है।

आश्रय स्थल पर बतौर नगर परिषद कर्मचारी सेवाएं दे रहे कुशाग्र भट्‌ट की माने तो महिला बीते कुछ समय से रात को वहीं रुकती है। गुरुवार सुबह उसने पेट में दर्द की बात कही। इस पर उन्होंने एक ऑटो से उसे एमजी अस्पताल भेज दिया। वहां तैनात डॉक्टरों और नर्सिंगकर्मियों ने महिला के पास आधार कार्ड नहीं होना बताकर उसे बाहर निकाल दिया। फिर वह आश्रय स्थल आई और दर्द से कराहने लगी।

उसके असहनीय दर्द को देखते हुए भट्‌ट ने नर्सिंग कर्मचारी विनाेद यादव की मदद ली। जिसके बाद आश्रय स्थल में ही महिला का प्रसव कराया गया। स्वस्थ प्रसव होने की प्रशासनिक अमले से मिली सूचना के बाद अस्पताल के जिम्मेदारों ने उसे अस्पताल में भर्ती करने की दुहाई दी। इसके बाद एंबुलेंस से उसे एमजी अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई।

महिला की माने ताे वह रतलाम रोड पर करीब 10 किलोमीटर दूर पाड़ला गांव की रहने वाली है। उसने उसका नाम इंद्रा है, लेकिन उसके पास उसकी पहचान का कोई कार्ड नहीं है। ऐसे में उसकी पहचान असली होने पर भी संदेह है। महिला अपने पति व अन्य रिश्तेदारों के बारे में कुछ नहीं बता पा रही है। लोगों का कहना है कि महिला मानसिक विक्षिप्त भी थी।

आश्रय स्थल में जन्मा नवजात।
आश्रय स्थल में जन्मा नवजात।
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