जिले की सबसे बड़ी रेल परियोजना:मेमू फैक्ट्री नहीं लगेगी, रेलवे राजस्व विभाग को जमीन देगा...हमसफर कोच फैक्ट्री मांगेंगे

भीलवाड़ा9 महीने पहले
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जिले की सबसे बड़ी रेल परियोजना मेमू कोच फैक्ट्री लगने की संभावनाएं अब खत्म हो गई हैं। इसे गैरजरूरी मानते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में बताया है कि फैक्ट्री रेलवे की ओवरऑल जरूरतों के हिसाब से स्थापित की जाती है। मौजूदा रेल कोच फैक्ट्रियों की उत्पादकता बढ़ने के बाद वर्तमान में भीलवाड़ा में अतिरिक्त कोच उत्पादन यूनिट की आवश्यकता नहीं है। इस जवाब के साथ ही भीलवाड़ा के रूपाहेली में लगने वाली रेलवे परियोजना के बारे में साफ हो गया है कि यहां मेमू कोच फैक्ट्री अब नहीं लगेगी। दरअसल, सात साल पुरानी रेल बजट की घोषणा के बाद अब केंद्र ने रुख बदल लिया है। इसका खुलासा पाली सांसद पीपी चौधरी और उदयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा के सवाल का जवाब देते रेल मंत्री पीयूष गोयल ने किया। हालांकि भीलवाड़ा सांसद सुभाष बहेड़िया ने कहा कि हमसफर के कोच की फैक्ट्री लाने का प्रयास करेंगे।

रेल मंत्री बाेले- मेमू कोच उत्पादन के लिए अतिरिक्त फैक्ट्री की जरूरत नहीं
रूपाहेली में प्रस्तावित फैक्ट्री के लिए 1293 बीघा जमीन आवंटित की गई थी। इसका कब्जा भी रेलवे ले चुकी है। इसके सीमाज्ञान के लिए जनवरी में रेलवे अधिकारी रूपाहेली पहुंचे थे। रेलवे के अधिकारियों के पहुंचने और जमीन के कब्जे लेने की प्रक्रिया से फिर से जिले में उम्मीद जगी थी कि कोच फैक्ट्री लगाने के लिए प्रक्रिया जारी है। लेकिन इसके एक महीने बाद ही रेलवे से एक पत्र राजस्व विभाग को मिला। इसके अनुसार कोच फैक्ट्री स्थापित नहीं की जा रही है। इसके लिए जमीन जो रेलवे को दी गई है उसको फिर से राजस्व विभाग को सौंपने चाहते है। हुरड़ा तहसीलदार स्वाति झा ने इस पत्र को कलेक्टर से मार्गदर्शन के लिए भेज दिया है।

देश में मेमू के ज्यादा कोच की जरूरत नहीं इसलिए खारिज
सांसद सुभाषचंद्र बहेड़िया ने बताया कि मेमू कोच की आवश्यकता कम होने की वजह से दिसंबर 2019 में हमसफर ट्रेन के डिब्बे की फैक्ट्री लगाने का सुझाव दिया था। लेकिन यह नहीं माना गया इसलिए अब रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मेमू कोच फैक्ट्री की आवश्यकता को खारिज किया है। ऐसे में हम अनुदान मांगों में मेमू कोच फैक्ट्री की जगह हमसफर कोच फैक्ट्री की मांग करेंगे।

2013 में शिलान्यास करने आईं थीं यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी
यूपीए राज में 22 सितंबर 2013 को मेमू कोच फैक्ट्री का शिलान्यास यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से कराया गया। उस समय डॉ. सीपी जोशी केंद्रीय रेल मंत्री व अशोक गहलोत मुख्यमंत्री थे। 25 फरवरी, 2013 को रेलवे और भेल व 21 सितंबर, 2013 को रेल मंत्रालय और प्रदेश सरकार में एमओयू हुआ। 2013-14 के रेल बजट में परियोजना को मंजूरी दी गई थी।

1293 बीघा जमीन पर 800 करोड़ का लगना था प्रोजेक्ट
रेलवे कोच फैक्ट्री के लिए प्रदेश सरकार ने 1292.14 बीघा जमीन रूपाहेली क्षेत्र में आवंटित की थी। रेलवे ने जमीन कब्जे में भी ली। इसी पर शिलान्यास भी हो गया था। अब केंद्र सरकार ने प्रोजेक्ट का काम आगे बढ़ाने से इनकार करने से भीलवाड़ा में रेल कोच फैक्ट्री की संभावनाएं खत्म हो गई है। 2013 की डीपीआर के मुताबिक यह 800 करोड़ की लागत से मेमू कोच फैक्ट्री बननी थी।

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