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40 हजार उपभोक्ताओं से ऐसा भेदभाव क्यों?:मीटर बंद, बिल चालू, 7 दिन में शिकायताें का हल नहीं कर पा रही सिक्योर पर 6 महीने में भी कोई जुर्माना नहीं

बांसवाड़ा7 दिन पहले
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  • बिल भरने से चूके उपभाेक्ताअाें पर लगा रहे पैनल्टी पर पैनल्टी, लेकिन...

बढ़ते बिजली बिलाें काे लेकर विवादाें में आई सीक्याेर कंपनी के बाद डिस्काॅम भी उपभाेक्ताओं काे लेकर दाेहरा रवैया अपना रहा है। वह इसलिए कि तय समय पर बिजली का बिल जमा कराने से चूके ताे डिस्काॅम पैनल्टी लेने से नहीं चूकता जबकि वहीं उपभाेक्ताओं की शिकायताें का तय समय पर निस्तारण नहीं कर पा रही सिक्याेर कंपनी काे खुली छूट दी जा रही है।

कंपनी टेंडर की शर्तों का उल्लंघन कर रही है, लेकिन अजमेर डिस्काॅम कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। दैनिक भास्कर ने मनमर्जी की पैनल्टी के खेल की पड़ताल की ताे डिस्काॅम का उपभाेक्ताओं काे लेकर दाेहरा रवैया साफ नजर आ रहा है। शहर के भैरव चौक पर रहने वाली उपभोक्ता योगेश कुमार से मिलिए। उन्हें अगस्त महीने में 11 हजार रुपए का बिल दिया गया। उन्होंने बताया कि पिछले महीने ही उन्हें पैनल्टी के साथ बिल भेजा गया था। 34 हजार रुपए का बिल जमा कराने के बाद इसे महीने 11 हजार रुपए का बिल देखकर वे हैरान हैं।

डिस्कॉम ऑफिस में शिकायतें की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सिक्योर कंपनी पर मॉनिटरिंग का जिम्मा निगम के अधिकारियों के पास है। शर्तों के मुताबिक कार्य नहीं होने पर निगम की ओर से कंपनी पर पैनल्टी लगाने का प्रावधान है, लेकिन यहां काम करते हुए कंपनी के 6 महीने से ज्यादा समय गुजर गया है। इसके बाद भी कोई पैनल्टी नहीं लगाई गई। स्थिति यह है कि खुद एक्सईएन के पास हर दिन शिकायत पहुंच रही है कि उनका काम नहीं हो रहा है। कंपनी के कर्मचारी भी सही तरीके से बात नहीं करते हैं। एक्सईएन एमडी चौधरी ने बताया कि शिकायत मिल रही है, अब सितंबर महीने से पैनल्टी शुरू की जाएगी। इसके लिए कंपनी को पत्र भी लिख दिया है।

देख लीजिए; सिक्योर कंपनी के मीडिया प्रभारी की तरफ से पार्षदों को लेकर दिया अधिकृत बयान, जिसके बाद पार्षदों ने मीटिंग बुलाई है
सिक्योर कंपनी की ओर से पार्षदों पर लगाए आराेपों के बाद बवाल और बढ़ गया है। पार्षदों ने सोमवार को नगर परिषद में दोपहर 2 बजे बैठक बुलाई है। वरिष्ठ पार्षद महावीर बोहरा ने कहा कि कंपनी को यहां से अब जाना होगा। लंबा आंदोलन करना पड़ेगा तो भी करेंगे। पार्षद जाहिद अहमद सिंधी ने कहा कि कंपनी ने गलत आरोप लगाए हैं। पार्षद हेतल गरासिया ने कहा कि हमारी नेतागिरी कि चिंता करने कि जरूरत नहीं, वो हम देख लेंगे। सवाल यह है कि उपभोक्ताओं को समस्या क्यों आ रही है? मनोनित पार्षद मनीष एन त्रिवेदी ने कहा कि कंपनी पर कोर्ट में 1 करोड़ रुपए की मानहानि का केस करेंगे।

2300 की बजाय 7000 रुपए आया बिजली बिल, पुराने मीटर में 7 से 8 रीडिंग राेजाना आ रही थी, नया लगाते ही 10 से यूनिट खर्च ज्यादा बता रहा

जनता का दर्द : डेढ़ महीने में 7 हजार का बिल दिया, बोले-रीडिंग बढ़ गई
त्रिपोलिया रोड के दुकानदार निशांत शाह कहते हैं। पहले उनका बिल दो महीने में 6000 से 6500 से ज्यादा कभी नहीं आया। अब एक महीने में ही 4 हजार का बिल आया है। खांदू कॉलोनी के मुन्ना खान का कहना है कि 2 महीने में 2300 रुपए का बिल आता रहा है, जो अब डेढ़ महीने का बिल 7 हजार रुपए आया है। इंदिरा कॉलोनी के रहने वाले महबूब खान ने बताया कि पहले गर्मी में 7 से 8 रीडिंग प्रति दिन आ रही थी। नया मीटर में अभी भी दिन में 10 से 12 रीडिंग आ रही है। अब केवल रात में एक पंखा चलता है।

एक्सईएन बाेले-कंपनी को नोटिस भेजा है, इसी महीने से पैनल्टी लगाएंगे
सिक्योर कंपनी पर मॉनिटरिंग का जिम्मा निगम के अधिकारियों के पास है। शर्तों के मुताबिक कार्य नहीं होने पर निगम की ओर से कंपनी पर पैनल्टी लगाने का प्रावधान है। लेकिन यहां काम करते हुए कंपनी के 6 महीने से ज्यादा समय गुजर गया है। साथ ही खुद एक्सईएन के पास हर दिन शिकायत पहुंच रही है, कि उनका काम नहीं हो रहा है, कंपनी के कर्मचारी भी सही तरीके से बात नहीं करते हैं। उसके बावजूद अभी तक निगम ने कंपनी पर एक बार भी पैनल्टी नहीं लगाई है। जिससे कहीं न कहीं निगम की भी लापरवाही झलक रही है। एक्सईएन एमडी चौधरी ने बताया कि शिकायत मिल रही है, अब सितंबर महीने से पैनल्टी शुरु की जाएगी। इसके लिए कंपनी को पत्र भी लिख दिया है।

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