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आग से घबराए पक्षी उड़ते रहे:शहर का ऑक्सीजन केंद्र माने जाने वाले जंगल में लगी आग, दमकल ने चार घंटे की मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू

बांसवाड़ाएक महीने पहले
सर्किट हाउस के पीछे जंगल में लगी आग।

शहर के मध्य में ऑक्सीजन का केंद्र कहे जाने वाले जंगल में गुरुवार रात भीषण आग लग गई। गर्मी के बीच सुलगी आग ने कुछ ही देर में पूरे जंगल को आगोश में ले लिया। आकाश छूती आग की लपटों को देखकर शहरवासियों में चिंता हुई।

तब कहीं जाकर वनविभाग और दमकल कर्मचारी यहां माही कॉलोनी और सर्किट हाउस के पीछे वन भूमि में लगी आग बुझाने पहुंचे। कई घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। जंगल में लगी आग ने कई जीवों को चपेट में ले लिया। पक्षी और जंगली जानवर आग से बचने के लिए भागते रहे। अंधेरे में कई पक्षी उड़ते देखे गए। कई मोरों ने ऊंची इमारतों वाली छतों पर शरण ली।

दरअसल, जयपुर और उदयपुर मुख्य मार्ग पर बसे हुए सर्किट हाउस और माही कॉलोनी के पीछे वनविभाग की जमीन पर घना जंगल है। यहां विशेष तौर पर सागवान एवं अन्य प्रकृति के बड़ी संख्या में वृक्ष हैं। यहां पड़े हुए सूखे पत्तों को रात के अंधेरे में किसी बदमाश ने सुलगा दिया।

गर्मी और हवा के साथ आग पूरे जंगल में बढ़ गई। इसके बाद आग की लपटों को देख लोग घरों की छतों पर चढ़कर नजारा देखने लगे। इसी बीच जागरूक लोगों ने इसकी सूचना वनविभाग और दमकल केंद्र पर दी।इन वन क्षेत्र में वन समिति वाला सिस्टम नहीं है। इसलिए वन कार्मिकों को ही आग बुझाने के लिए पूरी मेहनत करनी पड़ी।

माही कॉलोनी के पीछे जंगल में लगी आग।
माही कॉलोनी के पीछे जंगल में लगी आग।

इसलिए है ऑक्सीजन का केंद्र
वैसे तो बांसवाड़ा के रतलाम और माहीडेम रोड से जुड़ी शहर की पैराफेरी में जंगल हैं, लेकिन सर्किट हाउस के पीछे और न्यू हाउसिंग बोर्ड से लगती वन सीमा का जंगल शहर के लिए बड़ा ऑक्सीजन का केंद्र है। इसकी एक वजह नित नए निर्माण के बीच काटे जा रहे वृक्ष हैं।

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