ओमिक्राॅन अलर्ट:ज्यादा खतरनाक ये बहाने; वैक्सीन से बचने के लिए अजीब तर्क-चॉकलेट खाने से भाग जाएगा ओमिक्रॉन

बांसवाड़ाएक महीने पहले
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नई आबादी क्षेत्र में सैंपलिंग करती मेडिकल टीम। - Dainik Bhaskar
नई आबादी क्षेत्र में सैंपलिंग करती मेडिकल टीम।
  • जिले में 2.52 लाख लोगों ने पहला और 6 लाख ने दूसरा टीका नहीं लगवाया, भास्कर सर्वे में आए चौंकाने वाले बहाने

देशभर में ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ता जा रहा है। कोरोना वायरस का यह बदला हुआ डेल्टा वेरियंट से 200 गुना ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि-यह एक व्यक्ति से 30 व्यक्तियों में जल्दी से फैलता है। अभी इसका इलाज सिर्फ वैक्सीन ही है। इसलिए वैक्सीन के दोनों डोज लगवाना जरूरी है। लेकिन इससे भी ज्यादा लोगों की लापरवाही है, क्योंकि-वैक्सीन से बचने के लिए लोग अजीब-अजीब बहाने बना रहे हैं।

अभी तक जिले में 2.52 लोगों ने पहला और 6 लाखा लोगों ने दूसरा टीका नहीं लगवाया है। जब भास्कर ने लोगों द्वारा टीका नहीं लगवाने के कारण जानने के लिए ऑफलाइन (80 लोगों से बातचीत) और ऑनलाइन (50 लोगों से फीडबैक) सर्वे किया तो अजीब बहाने सामने आए, कुछ लोग टीके से बचने के लिए बहाना कर रहा है कि चॉकलेट खाने से इम्युनिटी बढ़ जाएगी, कोरोना क्या ओमिक्रॉन भी भाग जाएगा। कुछ ने कहा कि पहला डोज तो लगवा लिया, दूसरा वैक्सीन से इम्युनिटी और ज्यादा कम हो जाएगी।

एमजी अस्पताल में सुबह सैंपलिंग, शाम 5 बजे मिलेगी रिपाेर्ट

डूंगरपुर के शास्त्री काॅलाेनी में संक्रमित ने ट्रैवल हिस्ट्री में बताया कि वाे 10-12 दिन पूर्व कुवैत से सूरत आई सैयद्दना साहब के कार्यक्रम भी शामिल हुई थी। वहां से डूंगरपुर आई। इसी कार्यक्रम में बांसवाड़ा से भी करीब 400 बोहरा समाजजन शामिल हुए थे। इसी के चलते जिला प्रशासन के निर्देश पर एमजी अस्पताल की सैंपलिंग टीम ने बाेहरावाड़ी में 100 लाेगाें के सैंपल लिए। डाॅ. समीर खान ने बताया कि सैंपलिंग में काेई सीवियर बीमार ताे नहीं सामने आया, लेकिन माइल्ड सिमटम यानि सर्दी जुकाम की शिकायतें थी। मंगलवार काे जिले में कुल 1400 सैंपल लिए गए, वहीं पूरे शहर से 200 सैंपल लिए हैं।

इधर, जिला अस्पताल में सुबह 9 से 12 बजे तक आरटीपीसीआर जांच की जाएगी। अवकाश के दिन सैंपल सुबह 9-11 बजे तक सैंपल लिए जाएंगे। रिपाेर्ट अगले दिन शाम 5 बजे रुम नंबर 51 में दी जाएगी। विदेश जाने वाले रिपाेर्ट काे उसी दिन प्राप्त करना चाहते हैं ताे सेंपल सुबह 9-10 बजे के बीच देने हाेंगे। विदेश जाने वालाें काे पासपाेर्ट, आधारकार्ड, वैक्सीन सर्टिफिकेट अनिवार्य रूप से देना है।

अब तक 7 लाेगाें की जानी हिस्ट्री

चिकित्सा विभाग विदेशों से लाैटने वालाें की ट्रैवल हिस्ट्री जुटा रहा है और उनकी सैंपलिंग के साथ उनके संपर्क में आए लाेगाें की भी सैंपलिंग में जुटा है। सीएमएचओ डाॅ. एचएल ताबियार ने बताया कि अब तक 7 लाेग विदेश से पहुंचे हैं, जिनमें लंदन, सिंगापुर, कुवैत, दुबई से आए हैं।

हमारी तैयारी; 1029 बेड सामान्य, 513 ऑक्सीजन बेड, 19 प्लांट से 2210 लीटर हर मिनट ऑक्सीजन मिलेगी

काेराेना की पहली और दूसरी लहर में जहां सिर्फ इलाज के लिए जिला अस्पताल में ही भर्ती करने की सुविधा थी, इस कारण कम बेड संख्या के कारण सैकड़ाें मरीजों काे अहदाबाद, सूरत, बड़ाैदा, उदयपुर, जयपुर तक काेराेना के इलाज के लिए जाना पड़ा। लेकिन तीसरी लहर से निबटने के लिए जिले से लेकर गांवों तक 1029 बेड तैयार कर दिए हैं। इनमें 513 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड हैं। जिलेभर में कुल 19 ऑक्सीजन प्लांट तैयार किए हैं। जिसे हर मिनट 2210 लीटर ऑक्सीजन जनरेट की जा सकती है। इसके अलावा भी 1250 से अधिक ऑक्सीजन कांसन्ट्रेटर भी हैं, जिनकी क्षमता 5 और 10 लीटर है।

वैन्टीलेटर, सीपैप व बाई पैप मशीन हर स्टाफ चला सकेगा

बीते दिनाें जिला अस्पताल में कार्यरत स्टाफ काे वेंटीलेटर, सीपैप, बाई पैप रन कराने का प्रशिक्षण दिया। कुल 30-30 के 12 बैच बनाकर कार्मिकों काे इसका प्रशिक्षण दिया जा चुका है। बच्चाें को भर्ती करने के लिए भी तैयार पीकू-नीकू वार्ड

पीडियाट्रिक वार्ड पीआईसीयू-पीकू और एनआईसीयू-नीकू वार्ड तैयार हैं। 50 बेड की क्षमता वाले इस वार्ड में 20 बेड पीआईसीयू, 10 एनआईसीयू और 20 बेड एसएनसीयू के हैं।

500 सिलेंडर का स्टाॅक : जिला अस्पताल में 650 लीटर/मिनट की क्षमता के 4 प्लांट हैं। इसके अलावा 500 सिलेंडरों का स्टाक है। अस्पताल में 579 बेड तैयार हैं। जिसमें 322 बेड सीधे ऑक्सीजन लाइन से जुड़े हैं। 28 बेड ऑक्सीजन सिलेंडर से सपोर्ट किए हैं। यानि 350 बेड पर ऑक्सीजन मिलेगी।

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