डेयरी दूध की राशि अब सीधे खाते में आएगी:जिले के 14 हजार से अधिक पशुपालक अब सीधे बैंक से जुड़ेंगे

बांसवाड़ाएक महीने पहले
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उदयपुर डेयरी इस साल ही पशुपालकों काे सौगातें देने जा रहा है। नवंबर के अंतिम सप्ताह में अब पशुपालकों की ओर से जिले की 262 दुग्ध समितियों काे दिए गए दूध की राशि सीधे ही उनके बैंक खाते में आएगी। जिससे उदयपुर के 40 हजार, बांसवाड़ा-डूंगरपुर के 35 हजार पशुपालकों को सीधे तौर पर फायदा होगा। उदयपुर डेयरी प्रशासन अब सीधे पशुपालकों के बैंक में खाते खुलवाने जा रहा है।

माना जा रहा है कि इसी साल सभी के खाते खाेल दिए जाएंगे। डेयरी के प्रबंधक उमेश गर्ग ने बताया कि अभी बैंक खाते खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सभी पशुपालकों से जानकारी ली जा रही है, उनका बैंक खाता, आधार कार्ड सहित अन्य तरह की जानकारी ली जा रही है। राज्य सरकार के आदेशानुसार सभी पशुपालकों को सीधे खाते में पैसे देने के निर्देश दिए हुए हैं। जिसको लेकर काम चल रहा है। वहीं महंगाई के बावजूद डेयरी मार्च तक दूध का मूल्य नहीं बढ़ाएगी। प्रबंधक गर्ग ने कहा कि अभी रेट बढ़ाने का कोई विचार नहीं किया जा रहा है।

महंगाई के बावजूद डेयरी दूध का मूल्य फिलहाल नहीं बढ़ाएगी। इस वित्तीय वर्ष में डेयरी द्वारा दुग्ध उत्पादों में बढ़ोतरी की जाएगी। पशुपालकों का नए प्लांट से जुड़ाव सुनिश्चित करने के लिए प्लांट पर विजिट कराने की योजना है। विभिन्न दुग्ध समितियों के पशुपालकों को प्लांट का अवलोकन कराने के साथ ही पशुपालन की नवीन तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

सप्लाई और फेट का मिलेगा मैसेज, अभी दूध के दाम नहीं बढ़ाएंगे
किस पशुपालक का कितना दूध डेयरी पर आया है, फेट, दूध की राशि आदि जानकारी का मैसेज रजिस्टर्ड मोबाइल पर भेजा जाएगा। डेयरी अध्यक्ष वेंग पाटीदार ने बताया कि कई पशुपालकों काे एटीएम कार्ड चलाना नहीं आता, कई गांवों में बैंक नहीं है। ऐसे में वहां पर एजेंट लगाए गए हैं जाे हर दस दिन के अंतराल में आकर ग्रामीणों काे भुगतान करेंगे।

साथ ही अभी भी पशुपालकों का तकरीबन 1.20 कराेड़ का बकाया चल रहा। जिसको भी जल्द भुगतान जल्द करने की संभावना है। डेयरी अध्यक्ष पाटीदार ने बताया कि प्रथम चरण में 50 समितियों काे डिजिटलीकरण किया जाएगा। इसी वित्तीय वर्ष में जिले की सभी समितियों का डिजिटलीकरण पूर्ण हो जाएगा।

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