साेयाबीन GST घाेटाला:फर्जी बिलिंग से टैक्स चुराने वाली 19 से ज्यादा फर्में चिह्नित

बांसवाड़ाएक वर्ष पहले
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  • एडीशनल कमिश्नर ने कहा- सिस्टम ऑनलाइन, पूरी चेन काे पकड़ेंगे
  • काेटा की एंटीविजन यूनिट काे भेजी व्यापारियाें के फर्जी व्यापार की जानकारी, रैकेट पर कार्रवाई की तैयारी

साेयाबीन खरीद में फर्जी तरीके से खरीदी और बिलिंग दिखाकर लाखाें का टैक्स चुराने के खुलासे पर जीएसटी एंटीविंग ओर भी अलर्ट माेड पर आ चुकी है। दैनिक भास्कर के खुलासे के बाद जीएसटी एंटीविंग की टीमे फर्जीवाड़े में शामिल ऐसी ही फर्माें की पूरी चैन पकड़ने की तैयारी में है।

जीएसटी के एडीशनल कमिश्नर हिम्मतसिंह भाटी ने बताया कि लगातार कार्रवाई की जा रही है। हमारे पास पूरा एनालिटिक्स हाेता है। 19 से 20 केस पूर्व में भी बनाए हैं। ऐसी भी फर्म है जिन्हाेंने बिहार और पंजाब में काम करना दर्शाया लेकिन असल में काेई ऑफिस तक नहीं है। अच्छी बात यह है कि जीएसटी का पूरा मामला ऑनलाइन है।

ऐसे में किसी भी फर्म की बिलिंग और ट्रैडिंग से संबंधित जानकारी जुटाई जा सकती है। इस मामले में भी कड़ी दर कड़ी जांच की जाएगी।  इधर, बांसावड़ा की जीएसटी एंटीविजन ने 100 ट्रक खरीदी दिखाकर जाली बिलिंग के जरिये 52 लाख से भी ज्यादा टैक्स चाेरी के मामले में गणपति ट्रैडिंग फर्म काे नाेटिस जारी किया है।

जिसमें नाेटिस जारी हाेने के एक महीने के भीतर फर्म से टैक्स की राशि और पैनेल्टी समेत 1.25 कराेड़ भरने के लिए कहा गया है। इसके अलावा अब जीएसटी विभाग पूरी चैन पकड़ने की तैयारी में है। काेटा की एंटीविजन यूनिट काे भी पूरी जानकारी भेज दी गई है। जिससे की फर्जी बिल जारी करने वाली फर्म पर शिकंजा कसा जा सके। 
पांच सालाें से नहीं भरा जा रहा सोयाबीन की खरीद का इनपुट टैक्स

जिले में 75 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में हर साल 11 लाख 25 हजार क्विंटल सोयाबीन की पैदावार होती है और उसकी हर साल बड़े पैमानों पर व्यापारियों की ओर से किसानों से खरीदी की जाती है। लेकिन मजे की बात यह है कि अन रजिस्टर्ड डीलर किसान से सोयाबीन खरीद कर उसे दूसरी फर्मों को बेच का भारी मुनाफा कमाने वाले व्यापारी किसान से खरीदे गए सोयाबीन के एवज में इनपुट टैक्स वाणिज्य कर विभाग में जमा नहीं करवा रहे हैं।

पिछले पांच सालों में ऐसे मामलों में किसी भी व्यापारी ने सोयाबीन खरीदी का इनपुट टैक्स नहीं भरा है, जिससे राजस्थान सरकार काे टैक्स राशि नहीं मिल पा रही है। जीएसटी विभाग की नजर में किसान अनरजिस्टर्ड डीलर हाेता है और जाे व्यापारी उनसे खरीद करता है, उसे इनपुट टैक्स देना हाेता है।

गाैरतलब है कि दैनिक भास्कर ने “साेयाबीन जीएसटी’ घाेटाला शीर्षक से मंगलवार काेटा से 100 ट्रक साेयाबीन की फर्जी खरीदी दिखाकर 52 लाख से ज्यादा टैक्स चाेरी के मामले का खुलासा किया था। इसमें जीएसटी एंटीविंग ने भी संबंधित फर्म काे नाेटिस भेजा है। खुलासे पर इसलिए भी हडकंप मच गया क्याेंकि, फर्जी ट्रैडिंग दिखाकर टैक्स चाेरी में काेटा और दिल्ली की कुछ फर्माें के शामिल हाेने और एक पूरा रैकेट हाेने की भी जानकारी सामने आई है।

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