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बिजली चोरों के खिलाफ कार्रवाई:कोरोनाकाल में संभाग में सबसे ज्यादा बांसवाड़ा में 64 करोड़ से ज्यादा की बिजली चोरी

बांसवाड़ा19 दिन पहले
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  • अजमेर डिस्कॉम में जिले का दूसरा स्थान, हर माह 609 यूनिट बिजली खरीदी, 64 लाख यूनिट यानी 5 कराेड़ से ज्यादा की बिजली चाेरी

बिजली चोरों के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई के बावजूद हालातों में कोई सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। अजमेर डिस्कॉम के कुल 11 जिलों में बिजली चोरी के मामले में नागौर पहले और बांसवाड़ा दूसरे स्थान पर है। जहां जिले में हर माह बिजली निगम द्वारा पावर हाउस बिजली की जाने वाली सप्लाई में से 15 से 16 प्रतिशत बिजली तो छीजत में ही चली जाती है।

छीजत में जाने वाली बिजली की 8 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से कीमत आंकी जाए तो, जिले में हर माह 5 से 7 करोड़ से अधिक की बिजली छीजत हो रही है। हालांकि निगम छीजत में कमी लाने के लिए लगातार बिजली चोरों के खिलाफ कार्रवाई कर जुर्माना राशि भी वसूल रहा है।

जानकारी के अनुसार बिजली निगम ने जनवरी में पावर हाउस से 609 लाख यूनिट बिजली ली। इसमें से 545 लाख यूनिट बिजली बेची गई, शेष 64 लाख यूनिट छीजत में चली गई। छीजत हुई बिजली की यदि 8 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से कीमत आंकी जाए तो 5 करोड़ 12 लाख रुपए है। काेराेनाकाल के अप्रैल से दिसंबर 2020 तक 9 महीने में कुल 48.78 करोड़ यूनिट पावर हाउस से बिजली ली। इसमें से 39.96 करोड़ यूनिट बिजली बेची गई, शेष 8.82 करोड़ यूनिट छीजत में चली गई।

छीजत हुई बिजली की यदि 8 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से कीमत आंकी जाए तो 64 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि बनती है। बिजली बिल की एवज में निगम को हर माह मिलने वाले करीब 40 से 45 करोड़ की राशि में से 10 से 15 करोड़ की राशि से भी ज्यादा बकाया रह जाती है।

जनवरी में उपभोक्ताओं से 15 करोड़ रुपए से भी अधिक राशि बकाया है। निगम के अनुसार यह राशि सरकारी विभागों सहित बिजली बिल जमा नहीं करवाने से बकाया रह जाती है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में लोग बिना कनेक्शन ही घरों को रोशन कर रहे हैं। इसके खिलाफ विभाग की टीम समय-समय पर कार्रवाई करती है, लेकिन फिर भी क्षेत्र में लोग चोरी करते हैं।

कुशलगढ़ कस्बे में 34 लाख तो बांसवाड़ा डिवीजन में 25 लाख यूनिट चोरी

जिले में सबसे ज्यादा बिजली चोरी की बात करें तो कुशलगढ़ डिवीजन में हर महीने औसतन 34 लाख यूनिट बिजली चोरी होती है, यानी हर महीने 2 करोड़ 70 लाख रुपए की बिजली चोरी होती है। वहीं बांसवाड़ा डिवीजन में 25 लाख यूनिट यानी 2 करोड़ रुपए की हर महीने की बिजली चोरी हो रही है। वहीं बागीदौरा डिविजन में सबसे कम बिजली चोरी हो रही है, जहां हर महीने 3 लाख यूनिट यानी 24 लाख की बिजली चोरी हो रही है।

जिला छीजत प्रतिशत
1. नागौर 27.27
2. बांसवाड़ा 15.84
3. झुंझुनूं 15.25
4. सीकर 12.82
5. राजसमंद 9.50
6. उदयपुर 9.47
7. चित्तौड़गढ़ 8.89
8. अजमेर 8.37
9. भीलवाड़ा 8.06
10. डूंगरपुर 2.43
11. प्रतापगढ़ 1.07

सिर्फ जनवरी में 64 लाख यूनिट छीजत

  • पावर हाउस से 609 लाख यूनिट ली
  • बिजली बेची 545 लाख यूनिट
  • छीजत में गई 64 लाख यूनिट​​​​​​​

15 से 13 प्रतिशत करनी थी बिजली की छीजत, बढ़कर 16 फीसदी हो गई
जिले में बिजली छीजत में कमी लाने के लिए 15.83 प्रतिशत बिजली छीजत को 13.83 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, लेकिन छीजत में कमी आने के बजाए बढ़ गया है। गत वर्ष जनवरी में यह 16 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसका एक कारण यह भी माना जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी चोरी पकड़ने के लिए कर्मचारी जाने से घबराते हैं, कई बार कर्मचारियों के साथ मारपीट के भी मामले सामने आ चुके है‌ं।

बिजली चोरी की रोकथाम के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। चोरी करने वालों के खिलाफ जुर्माना भी लगाया जा रहा है। कुछ छीजत लम्बी लाइनों की वजह से भी होती है। इसके लिए भी दानपुर, चौरड़ी में जीएसएस बन रहा है जिसके चलते अब लाइनें भी छोटी करने का काम किया जा रहा है। उपभोक्ताओं पर कोरोना से भी असर पड़ा है।
-आरआर खटीक, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम

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