11वीं क्लास के स्टूडेंट ने जहर पीकर जान दी:रिश्तेदारी में शादी में गई थी मां, पिता खेत पर गया था, नाले किनारे पड़ा मिला

बांसवाड़ा7 महीने पहले
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पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर पुलिस कार्रवाई के लिए मौजूद परिवार के सदस्य। - Dainik Bhaskar
पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर पुलिस कार्रवाई के लिए मौजूद परिवार के सदस्य।

विषाक्त पीने से अस्वस्थ 11वीं क्लास के स्टूडेंट ने सोमवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बेसुध हालत में परिवार ने उसे यहां महात्मा गांधी जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां करीब 4 घंटे तक वह मौत से संघर्ष करता रहा। इसके बाद दम तोड़ दिया। नाबालिग लड़के के जहर पीने के कारणों का खुलासा तो नहीं हुआ है, लेकिन परिवार का कहना है कि वह करीब एक साल से मानसिक रोग का शिकार था और उसे सनक सवार रहती थी।

पुलिस की ओर से भी अब तक यही कारण बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस जांच में कारण स्पष्ट करने की बात कर रही है। सज्जनगढ़ थाने के ASI प्रेमपाल ने बताया कि इटाला निवासी नीलेश (17) पुत्र बारजी बलवाई रविवार दोपहर घर के समीप नाले पर पड़ा मिला। उसके मुंह से झाग निकल रहे थे। तभी खेत से घर पहुंचे बारजी ने उसे देखा।

मुंह से जहर पीने की दुर्गंध देख पिता ने उसे सज्जनगढ़ CHC पहुंचाया। वहां से उसे बांसवाड़ा रैफर किया गया। शाम करीब 5 बजे मेल वार्ड में भर्ती कराने के बाद रात 9 बजे उसकी मौत हो गई। सुबह पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंपा। इटाला सरपंच भूरालाल ने बताया कि नीलेश गांव की सीनियर स्कूल में पढ़ता था।

एक साल पहले वह लॉकडाउन में सूरत मजदूरी करने गया था। उसके बाद से वह दिमागी तौर पर अस्वस्थ हो गया था। परिवार ने इलाज कराने के साथ ही उसकी झाड़-फूंक भी कराई, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। रविवार दोपहर को पिता खेत पर था, जबकि मां समीप स्थित गांगड़तलाई में रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में गया था। तभी नीलेश ने कपास में छिड़कने वाली दवा पी ली।

बड़ा भाई सूरत में है
पुलिस ने बताया कि नीलेश का बड़ा भाई सूरत में नौकरी करता है, जबकि परिवार में नीलेश से छोटी दो बहनें और हैं। लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद थे तो परिवार की मदद के लिए नीलेश सूरत में मजदूरी करने चला गया था। इटाला सहित पूरे सज्जनगढ़ क्षेत्र से मजदूरी के लिए लोगों का गुजरात पलायन पूरे साल चलता है।