गाेविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय:काेराेना के कारण राष्ट्रीय महिला कबड्डी टूर्नामेंट निरस्त

बांसवाड़ा4 दिन पहले
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गाेविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय की ओर से इसी माह के अंत में 28 जनवरी से हाेने वाली इंटर यूनिवर्सिटी महिला कबड्डी टूर्नामेंट पर काेराेना ने पानी फैर दिया है। अब इस राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट की मेजबानी छुट गई है। हालांकि दाे सालाें से कोरोना के कारण खेल की गतिविधियां प्रभावित हुई है। केन्द्र सरकार ने खिलाडिय़ों को राहत देते हुए खेलने की आयु सीमा बढ़ाकर खिलाडिय़ों को राहत दी थी।

पहले भारतीय विश्वविद्यालय संघ की ओर से खिलाडिय़ों के विश्वविद्यालयी टूर्नामेंट में खेलने की उम्र 25 वर्ष थी, कोरोना वैश्विक महामारी के कारण भारत सरकार ने आयु सीमा को 1 वर्ष बढ़ाकर 26 वर्ष कर दिया है। जिससे देशभर के लाखों खिलाड़ी, जो ओवरएज हो गए थे व प्रतियोगिता में खेलना चाहते थे, वे अब भारतीय विश्वविद्यालय संघ की प्रतियोगिताओं में खेल सकते थे। लेकिन वर्तमान में कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों से प्रतियोगिताओं के आयोजन व खिलाडिय़ों को आयु सीमा में मिली छूट मिलेगी या नहीं इस पर अब कयास लगाए जा रहे हैं।

देश की 16 टीमाें की मेजबानी की थी जिम्मेदारी : जीजीटीयू काे विश्वविद्यालय स्तर पर महिला कबड्डी टूर्नामेंट आयोजित कराने की जिम्मेदारी मिली थी। जिसमें शामिल हाेने के लिए देश की 16 टीमाें से महिला खिलाड़ी बांसवाड़ा आने वाली थी, लेकिन अब जिले काे नेशनल स्तर के आयाेजन के लिए इंतजार आगे बढ़ गया है। पूर्व में 2019 में विश्वविद्यालय काे वेस्ट जाेन की वाॅलीबॉल प्रतियोगिता कराने की मेजबानी मिली थी। इसके बाद यह दूसरा माैका था जाे निरस्त कर दिया है।

कोरोना के कारण लगातार खेल प्रतियोगिताओं को निरस्त किया जा रहा है। जिससे अनेक खिलाडिय़ों की आयु पूर्ण हो गई है। खिलाडिय़ों को आयु संबंधी पात्रता में छूट देने से खिलाडिय़ों को खेलने का अवसर मिलेगा। -प्राे. दिनेश रावत, डायरेक्टर स्पाेर्ट्स बाेर्ड

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