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  • Now VCR Of Electricity Theft Will Be Filled Online From The App, After Submission, Employees Will Not Be Able To Tamper With The Report

योजना:अब एप से ऑनलाइन ही भरी जाएगी बिजली चोरी की वीसीआर, सबमिट होने के बाद कर्मचारी नहीं कर पाएंगे रिपोर्ट से छेड़छाड़

बांसवाड़ा9 दिन पहले
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  • पैनल्टी, नोटिस और एफआईआर के कागज भी एप पर ही होंगे, इंटरनेट नहीं होने पर भी काम करेगा एप

अजमेर डिस्कॉम ने ई-वीसीआर के लिए नई एप लॉच की है। जिसके चलते अब बिजली चोरी, जुर्माना राशि और प्रकरण के समयबद्ध निपटारे में एक महत्वपूर्ण शुरूआत है। निगम प्रकरणों के पारदर्शिता के लिए अब ई-वीसीआर एप से बिजली चोरी मामलों की वीसीआर भरी जाएगी। अधिकारी मौके पर ही वीसीआर की कार्रवाई एप के माध्यम से अपलोड करेंगे। जिसके चलते बाद में वीसीआर रिपोर्ट में कोई भी छेड़छाड़ नहीं हो पाएगी।

वहीं उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी। डिस्कॉम के एसई आर आर खटीक ने बताया कि उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शनों की सतर्कता जांच के दौरान उच्च स्तरीय पारदर्शिता करने के उद्देश्य से मोबाइल एप ई-वीसीआर बनाया गया है। डिजीटल वीसीआर की प्रक्रिया को सरल एवं सम्पूर्ण बनाया गया है। वीसीआर शीट भरने के बाद पेनल्टी का आंकलन, नोटिस एवं आवश्यकता पडऩे पर एफआईआर दर्जन करने के कागजात भी इसी एप से तैयार किए जाएंगे।

सतर्कता जांच से संबंधित हर प्रकार की मासिक अथवा साप्ताहिक सूचना इस एप के डेशबोर्ड पर स्वतः अपडेट होती रहती है। जो वृत स्तर, जोन स्तर एवं डिस्कॉम स्तर पर सीधे देख सकते हैं। डिस्कॉम के एसई आर आर खटीक ने बताया कि एप लॉच हो गई है, लेकिन अभी इसको लेकर कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। अजमेर से एप को लेकर एक टीम आएगी, जो कार्यशाला लगाकर सबको को इस एप के बारे में जानकारी दी जाएगी।

कार्मिकों की बढ़ेगी जवाबदेही, रिपोर्ट से छेड़छाड़ नहीं होगी

बिजली उपयोगकर्ता द्वारा विद्युत चोरी या मीटर छेड़छाड़ करने पर जो केस बनाया जाता है। उसमें घटना स्थल की लोकेशन एवं समय डिजिटल वीसीआर शीट में दर्ज होगी। शीट भरने के बाद कांट-छांट या ओवर राईटिंग या बाद में बदलवा करना संभव नहीं होगा।

यह डिजिटल वीसीआर सबमिट दबाते ही सब डिवीजन के कम्प्यूटर पर दिखाई देगी। एप की एक खासियत यह भी है कि जिस सब डिवीजन में वीसीआर शीट भरी जाती है। वहां के उपभोक्ताओ‌ं के मास्टर डाटा मोबाइल में डाउनलोड हो जाते हैं। यदि घटना स्थल पर इंटरनेट सुविधा नहीं मिलती है तो अॉफलाइन डाटा के आधार पर वीसीआर शीट पूरी भरी जा सकती है।

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