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लापरवाही:अफसर लापरवाह हैं पर आप न बनें; लंच के समय डिस्कॉम के 5 ऑफिस खाली, 20 पंखे और 35 ट्यूबलाइट जल रही थी

बांसवाड़ा8 महीने पहले
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  • सीएम और डिस्काॅम के एमडी लाेगाें से बिजली बचाने की कर रहे अपील, डिस्काॅम अफसर ही नहीं मान रहे

प्रदेश कोयला संकट के चलते डिस्कॉम को बिजली कटौती करनी पड़ रही है। डिस्कॉम के एमडी आम उपभोक्ताओं को बिजली बचाने की अपील कर रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर उनके ही अधिकारी और कर्मचारी बिजली की बर्बादी कर रहे हैं। एमडी की अपील के बाद भास्कर ने साेमवार काे डिस्काॅम कार्यालयाें का रियलिटी चैक किया ताे खाली चेंबर में भी पंखे, ट्यूबलाइट, कूलर और यहां तक कम्प्यूटर भी ऑन नजर आए।

यहां लंच दाैरान दाेपहर 1 से 3 बजे तक पड़ताल में सामने आया कि एईएन और अकाउंट ऑफिस में कर्मचारी घर खाने चले गए लेकिन किसी ने भी एमडी की अपील काे गंभीरता से लेते हुए पंखे, कूलर या ट्यूबलाइट का बटन बंद करने की जहमत नहीं उठाई। हमारी पड़ताल में शहर में डिस्काॅम के सभी कार्यालयों में लंच के समय सूने चैंबर में 20 से ज्यादा पंखे और 35 ट्यूबलाइट चालू मिली। इतना ही नहीं, कुछ जगह कम्प्यूटर तक ऑन मिले। एेसे में बिजली संकट के बावजूद डिस्काॅम के ही कार्मिक इसकी बचत काे लेकर लापरवाही बरते नजर आ रहे हैं।

एक्सईएन से लेकर एईएन के ऑफिस में हो रही बिजली की बर्बादी, कंप्यूटर तक बंद नहीं करते अफसर

एसई ऑफिस: भास्कर संवाददाता जब यहां दोपहर 1 बजे 48 मिनट पर पहुंचा, तो एसई ऑफिस का चैंबर बंद था। वहीं टीए के कमरे में तीन का स्टाफ बैठता है, जो लंच के लिए गए थे। जिसमें 3 पंखे और 2 ट्यूबलाइट जल रही थी, वहीं बरामदे में भी पंखे चल रहे थे और 2 ट्यूबलाइट जल रही थी।

एक्सईएन ऑफिस: यहां दोपहर 1 बजे 37 मिनट पर जब देखा तो एक्सईएन ऑफिस के पास के कमरा जहां कोई नहीं था, लाइट भी जल रही थी, पंखा भी चल रहा था। साथ ही बरामदे में भी पंखा और लाइट जल रही थी।

मीटर एक्सईएन ऑफिस: यहां जब दोपहर 1 बजकर 46 मिनट में पड़ताल की तो सामने आया कि एईएन ऑफिस में लाइट भी जल रही थी, पंखा भी चल रहा था, पास के कमरे में बैठे कर्मचारी ने बताया कि वे तो बाहर गए हुए हैं। साथ ही बरामदे में भी पंखा और लाइट जल रही थी।

सिटी प्रथम ऑफिस: यहां जब दोपहर 1 बजकर 31 मिनट पर एईएन कहीं बाहर थे, लेकिन उनके चैम्बर में लाइट और पंखा चल रहा था। साथ ही दूसरे कमरे में भी कोई कर्मचारी नहीं था जहां भी लाइट और पंखे चल रहे थे, कुल 5 पंखे और 4 ट्यूबलाइट जल रही थी।

सिटी सैकंड ऑफिस: दोपहर 1:58 बजे एईएन चैंबर में नहीं थे, पंखा और लाइट जल रही थी। कर्मचारी ने बताया कि एईएन आज सुबह से नहीं आए हैं। वहीं अकाउंट वाले कमरे में 3 पंखे-2 ट्यूबलाइट जल रही थी और बरामदे में भी लाइट जल रही थी।

लंच के समय ही हर महीने 3 हजार की बिजली की हाे रही बर्बादी: खास बात यह है कि केवल शहर के डिस्कॉम ऑफिस में ही इस तरह की लापरवाही हो रही है। केवल लंच के समय में ही हर दिन करीब केवल शहर के कार्यालयों में 10 यूनिट बिना काम के ही बर्बाद की जा रही है। यानी महीने की 3 हजार रुपए की बिजली बर्बाद हो रही है। डिस्कॉम प्रबंधक जहां उपभोक्ताओं से बिजली बचाने की अपील कर रहे हैं, खुद के ही अधिकारी कर्मचारी बर्बाद करने में लगे हैं।

गलती बर्दाश्त नहीं, जिम्मेदारी समझनी चाहिए : एसई

​​​​​​​ये तो गलत है। बिजली की इस तर बर्बादी नहीं करनी चाहिए, सरकार के आदेशों की पालना करनी चाहिए। मैं सभी कर्मचारियों के इसके लिए हिदायत दूंगा। आगे से इस तरह गलती बर्दाश्त नहीं होगी। -एमडी चौधरी, कार्यवाहक एसई, डिस्कॉम

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