फर्जी अंकतालिका प्रकरण:तीन साल पुराने मामले में एक और गिरफ्तारी, अब तक पकड़े गए 37

बांसवाड़ा3 महीने पहले
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पुलिस कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपी। - Dainik Bhaskar
पुलिस कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपी।

नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्र में दाखिले के लिए 12वीं की फर्जी अंकतालिका पेश करने वाले एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया। वह पिछले तीन साल से पुलिस से बचता फिर रहा था। इससे पहले पुलिस फर्जी अंकतालिका प्रकरण में 37 गिरफ्तारियां कर चुकी है। शहर कोतवाल CI रतन सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 में महात्मा गांधी जिला अस्पताल के डॉ. नंदलाल चरपोटा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें नर्सिंग में प्रवेश लेने वाले कुछ अभ्यर्थियों की ओर से फर्जीवाड़ा करने का आरोप था। डॉ. चरपोटा ने बताया था कि मार्कशीट के सत्यापन के दौरान जम्मू कश्मीर के एक शैक्षणिक संस्थान और इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय ने उनके यहां से ऐसी किसी मार्कशीट को जारी करने से इनकार किया था। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद संस्थान ने ऐसे अभ्यर्थियों को कोर्स से बाहर कर दिया था।

पुलिस जांच में फर्जीवाड़ा मिलने पर आरोपियों की गिरफ्तारियां हुई। इसी मामले में घाटोल तहसील के बामनवाड़ा निवासी मोहनलाल तावेड़ की पुलिस को तलाश थी। थाने के SI रमेशचंद्र और HC भूलसिंह ने कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार किया। गौरतलब है कि फर्जीवाड़े का गिरोह चलाने वाले मुख्य आरोपी टिबुलीपाड़ा (थाना खमेरा) निवासी संजय पुत्र लक्ष्मणलाल डामोर की पूर्व में गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोपी एक मार्कशीट बनाने के 20 से 40 हजार रुपए तक लेता था। मामले में पुलिस को अब भी तीन के करीब आरोपियों की तलाश है।