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नई जिंदगी:36% ऑक्सीजन सेचुरेशन था, 32 दिन बाद कोरोना से जीत कर घर लौटा ‘आनंद’

बांसवाड़ा7 दिन पहले
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  • एमजी अस्पताल में 450 लाेग ऑक्सीजन की कमी से हुए ज्यादा गंभीर, 220 से लाेग वेंटिलेटर, बाइपेप और सीपेप से रिकवर हाेकर लाैटे

डाॅक्टराें ने मशीनाें से फेफड़ाें तक ऑक्सीजन पहुंचाकर कई मरीजाें काे बचाया
कहते हैं जिंदगी और माैत ताे ऊपर वाले के हाथ में है, लेकिन ये बात भी सही है कि जिसके अंदर जिंदगी जीने जिद और दृढ संकल्प हाे ताे ऊपर वाले काे भी उसकी उसकी मर्जी के आगे झुकना पड़ता है। जी हां यह सही मायनाें में साबित भी हुआ है। शहर के पुष्पानगर के रहने वाले आनंद जाॅन की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। आनंद जाॅन काेराेना के उस गंभीर राेग से लड़कर आज 32 दिन पूरी तरह से ठीक हाेकर घर लाैटे हैं।

ठीक 32 दिन पहले यानि 4 मई काे आनंद की तबीयत बहुत बिगड़ चुकी थी, तब उनकी पत्नी पूनम काैशिक उन्हें इस हालत में इलाज के लिए एमजी अस्पताल लेकर पहुंची। 36 प्रतिशत ऑक्सीजन सेचुरेशन लिए जब आनंद अस्पताल में भर्ती हुए ताे एक बार भी यह उम्मीद नहीं थी, वाे रिकवर हाे पाएंगे।

लेकिन जिला अस्पताल में डाॅक्टराें और नर्सिंग स्टाफ ने जिस तरह उन्हें बचाने में जुट गई ताे आनंद ने भी उस खतरे काे पार कर लिया। एक्सपर्ट डाॅक्टर बताते हैं कि मरीज का सिटी स्कोर भी 19/25 था, इसके अलावा वाे पहले से हार्ट के मरीज, शूगर, किडनी राेगी और ब्लड प्रेशर के मरीज हैं।

इस स्थिति में एनेस्थेसिया स्पेशलिस्ट डाॅ. निधि व्यास और डाॅ. याेगेश जाेशी के निर्देशन में आनंद काे 15-17 दिन तक बाईपेप से ऑक्सीजन दी जाती रही। रविवार काे जब उन्हें हाॅस्पिटल से घर डिस्चार्ज किया गया ताे खुद जाते जाते आनंद ने माैत से जीत का विक्ट्री सिंबाेल दिखाते हुए खुशी जाहिर की। इस दाैरान परिवार के सदस्याें सहित एमजी स्टाफ ने खुशी जताई।

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