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पहले गांधीगीरी, फिर लाठियां भांजी और अब धरपकड़:तय समय के बाद दुकान खोलने पर पुलिस ने व्यापारियों को उठाया, नन्ही बच्चियां बोलीं- अंकल प्लीज छोड़ दो पापा को; पत्नी भी पुलिस गाड़ी के पीछे दौड़ी

बांसवाड़ाएक महीने पहले
शहर में पाला मस्जिद के सामने व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई करती पुलिस।

पहले गांधीगीरी, फिर लाठियां भांजी और शुक्रवार को पुलिस के तीखे तेवर देखकर बाजार में दहशत का माहौल बन गया। लॉकडाउन में छूट की समयावधि खत्म होने के साथ ठीक 11 बजे क्यूआरटी पुलिस दल ने शहरी इलाकों में एकाएक दस्तक दी और दुकान पर बैठे व्यापारियों को उठा लिया।

कार्रवाई इतनी तेजी से हुई कि दुकानदारों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। तमाम मिन्नतों के बाद भी जवानों ने दुकानदारों को नहीं छोड़़ा। बल्कि कार्रवाई वाहन में डालकर उन्हें सीधे कोतवाली ले गए। यह देख दुकानों के बाहर खड़े खरीदार रास्ता नापते देखे गए।

वहीं कुछ अन्य दुकानों के शटर बिना देर लगाए नीचे गिरने लगे। इस दौरान पुलिस ने 7 दुकानदारों को हिरासत में लिया। इसके आगे भी कार्रवाई जारी थी। इससे पहले जिला पुलिस अधीक्षक कविंद्रसिंह सागर ने एक आदेश जारी कर सुबह 11 बजे के बाद सड़कों पर बेवजह घूमने वाले हर आम व्यक्ति को शांति भंग की धाराओं के गिरफ्तार या फिर ऐसे व्यक्ति को 14 दिन के लिए क्वारैंटाइन सेंटर भेजने के निचले स्टाफ को पाबंद किया। गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार और बुधवार को शहर मुख्यालय की पुलिस ने नाकेबंदी से गुजरने वाले आम दोपहिया सवार को हाथ जोड़कर घरों में रहने की अपील की थी।
प्लीज अंकल...पापा को छोड़ दो
कई जगहों पर दोपहर तक चली कार्रवाई से दुकानदार ही नहीं बल्कि उनका पूरा परिवार दहशत में आ गया। यहां पाला मस्जिद के सामने गली में एक छोटे शटर वाली दुकान से व्यापारी को उठाया। इसका उसके परिवार की महिलाओं ने विरोध किया।

तभी बाहर खड़ी नन्ही बच्चियां कार्रवाई कर रहे पुलिस जवानों से यह कहती दिखीं कि...अंकल प्लीज हमारे पापा को छोड़ दो, लेकिन मौके पर किसी ने कुछ नहीं सुनी। बल्कि युवक को गाड़ी में डालकर सीधे कोतवाली पहुंच गए। ऐसा ही हाल पृथ्वीगंज में भी देखने को मिला। दुकानदार की पत्नी गाड़ी के पीछे भी दौड़ी, लेकिन उसकी अनदेखी की गई। कालिका माता में मटका बेच रहे कुम्हार को भी पुलिस ने उठा लिया। डूंगरपुर मार्ग में कॉलेज से पहले सहित अन्य इलाकों में पुलिस की ऐसी ही कार्रवाई चर्चा में रही।

भीतरी बाजार में दुकान के बाहर कार्रवाई में बीच बचाव करने आई महिलाएं।
भीतरी बाजार में दुकान के बाहर कार्रवाई में बीच बचाव करने आई महिलाएं।

चौराहों पर सुस्ती भरी दोपहरी
इधर, कार्रवाई के बाद शहर के अन्य इलाकों में भी सन्नाटा छाने लगा। तेजी से बंद होते बाजार के बीच खरीदारों की भीड़ गंतव्य को जाने लगी तो दूसरे छोर पर नाकेबंदी में बैठी पुलिस ने दोपहिया सवारों रोककर कार्रवाई की। घर जा रहे लोगों से क्वारैंटाइन हो जाओ या फिर चालान कटवा कर रवाना हो जाए.. जैसे शब्द काम लिए गए। लॉकडाउन में पुलिस से उलझने की बजाय हर आम आदमी जेब से जुर्माना राशि देकर पीछा छुड़ाता हुआ दिखा। शुक्रवार को पुलिस कार्रवाई का विरोध करने वाले लोगों की संख्या भी बहुत कम थी।

कार्रवाई के बाद लोगों को जीप में बैठाकर साथ ले जाती पुलिस।
कार्रवाई के बाद लोगों को जीप में बैठाकर साथ ले जाती पुलिस।

जारी रहेगी कार्रवाई
इधर, कोतवाली में बतौर द्वितीय अधिकारी तैनात सब इंस्पेक्टर (प्रोबेशनरी आरपीएस) मिट्‌ठू सिंह ने कहा कि जिला पुलिस अधीक्षक के आदेश की पालन में यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। करीब सात दुकानदारों को धारा 151 में गिरफ्तार कर पाबंद कराया है। कार्रवाई सख्त होने की एक वजह यह भी रही कि जवान, हेड कांस्टेबल, सब इंस्पेक्टर और सीआई स्तर के अधिकारी ने किसी दुकानदार को छुड़ाने के लिए नए साहब पर दबाव नहीं डाला।

बांसवाड़ा में कार्रवाई करने वाले दल के मुखिया एवं प्रोबेशनरी आरपीएस।
बांसवाड़ा में कार्रवाई करने वाले दल के मुखिया एवं प्रोबेशनरी आरपीएस।
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