पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

दूल्हे से पहले शादी में पहुंचे 'बाराती पुलिस वाले':विवाह में भीड़ जुटने की आशंका थी, पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची, 1 घंटे में ही पूरी कराई सारी रस्में, दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद दे किया रवाना

बांसवाड़ा4 महीने पहले
समीपवर्ती तलवाड़ा पंचायत समिती में हो रही शादी में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी।

न बेंड बाजा, न ही बाराती, आए दूल्हे राजा....,हिन्दी फिल्म का यह गीत कोरोनाकाल के दिनों में लागू लॉकडाउन के बीच होने वाली शादियों का हिस्सा बन चुका है। ऐसी ही एक शादी यहां समीपवर्ती कोहाला गांव में शुक्रवार देर रात उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब बारात से पहले पुलिस और प्रशासन यहां ‘बारात’ बनकर आ धमके।

बड़ी संख्या में भीड़ जुटने की आशंकाओं के बीच यहां पहुंचे प्रशासनिक अमले ने मोर्चा संंभाल लिया। बारात आने के पहले मौके पर लगे पांडाल एवं भीड़ जुटाने वाले अन्य माध्यमों को जब्त कर लिया। केवल परिजनों के बीच ही यहां शादी की रस्म पूरी हुई और पिता के घर से बेटी की विदाई हुई। पूरे विवाह कार्यक्रम के दौरान पुलिस साए की तरह परिजनों के बीच बनी रही। दरअसल मामला तलवाड़ा क्षेत्र के कोहाला गांव का है। यहां लक्ष्मण प्रजापत की बेटी का विवाह होना था। रात को जगमग रोशनी में मंडप सजा था और पंडाल में लोगों के बैठने की सुविधा भी थी। करीब तीन घंटे बाद बारात पहुंचने पर भीड़ जुटने की आशंकाएं जन्म ले रही थीं।

ठीक इसी समय सूचना पर उपखण्ड अधिकारी पर्वतसिंह चूण्डावत, एएसपी कैलाश सांदू मय जाप्ता बारात से पहले ही मौके पर पहुंच गए। पुलिस बल ने पहुंचते की कार्रवाई की और पंडाल से लेकर अन्य सामग्री जब्त की। साथ ही बेटी के पिता को रात 12 बजे तक बारात का इंतजार नहीं करने की नसीहत दी।

इसकी पालना में रात करीब 10 बजे ही बारात में दूल्हे के परिजन पहुंच गए। पुलिस और प्रशासन की उपस्थिति में सोशल डिस्टेंस के साथ यहां करीब एक घंटे में विवाह से जुड़ी सारी रस्में पूरी की गई। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में राजस्व कर्मचारी मौजूद थे।
बिना देर लगाए विदाई
शादी की रस्म पूरी होते ही प्रशासनिक प्रयासों के तहत बेटी की विदाई भी तय की गई। विदाई की वेला में पिता-पुत्री की आंखें भर आईं। तभी प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मजबूरी बताते हुए बेटी और दूल्हे को आशीर्वाद देकर रवानगी दी।

इससे पहले बारात के तौर पर दूल्हे के साथ करीब 7 जने मौके पर पहुंचे थे, जबकि बेटी के परिवार से भी इतने ही लोगों की शिरकत रही। बता दें कि यहां पर बारात और परिवार से अधिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। परिवार के तौर पर स्थानीय सरपंच और उपसरपंच ने भी जिम्मेदारी निभाई और मजबूरी बताते हुए शादी वाले परिवार को सभी रस्म समय पर पूरी करने के लिए चेताते रहे।
जिले में 82 शादियां स्थगित
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से विशेष सख्ती लागू की गई है। इसके तहत जिले में आगामी दिनों में प्रस्तावित करीब 82 शादियां स्थगित कर दी गई हैं। इनमें बांसवाड़ा पंचायत समिती के अधीन 42 ग्राम पंचायतों की 46, अरथूना व बागीदौरा में एक-एक, गांगड़तलाई आनंदपुरी और गढ़ी में 3-3, कुशलगढ़ में 15, सज्जनगढ़ व तलवाड़ा में 2-2 शादियां आपसी समझाइश के बाद टाल दी गई हैं। कलेक्टर अंकित कुमार सिंह की ओर से जिलेवासियों से अपील की गई है कि कोरोनाकाल का अधिकांश समय लोग घरों में व्यतित करें और सुरक्षित रहें।

खबरें और भी हैं...