गेहूं के गबन के लिए बोले कई झूठ:गरीबों के हिस्से के 46 क्विंटल गेहूं खा गया राशन डीलर, जांच में हुई पुष्टि, अब FIR

बांसवाड़ा2 महीने पहले
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राशन की दुकान। - Dainik Bhaskar
राशन की दुकान।

गरीबों के गेहूं में सेंधमारी कर खुद की जेब भरने वाले राशन डीलर के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। सरकारी तंत्र को गुमराह करने के लिए आरोपी राशन डीलर ने एक साथ कई झूठ बोले। प्राथमिक जांच में 46 क्विंटल गेहूं गायब करने की पुष्टि के बाद जिला रसद विभाग ने आरोपी राशन डीलर के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। वहीं उसके अस्थायी लाइसेंस को भी रद्द कर दिया है। मामला कलिंजरा थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत मोटी टिंबी का है, जहां पाटन उचित मूल्य के दुकानदार (राशन डीलर) महेंद्र कुमार पुत्र बाबूलाल ने अप्रैल 2020 में गरीबों के वितरण के लिए आवंटित गेहूं बांटने की बजाय उसे दो नंबर में बेच दिया। शिकायत पर जब मामला सामने आया तो रसद विभाग के प्रवर्तन निरीक्षक लालशंकर डामोर और सोहन सिंह चौहान ने इसकी जांच की। तब पता चला कि आरोपी महेंद्र कुमार ने पोस मशीन में दिए गए विकल्प वाली सुविधा का दुरुपयोग किया। उसने विकल्प के तौर पर ओटीपी नंबर प्राप्त नहीं हुआ, मोबाइल नंबर रजिस्टर नहीं है, लाभार्थी के पास मोबाइल नहीं है, जैसे कारणों को दर्शाते हुए ग्राम पंचायत मोटी टिंबी में उचित मूल्य की दुकान से जुड़े करीब 177 उपभोक्ताओं के हिस्से का 45.90 क्विंटल गेहूं बांटा ही नहीं है। गबन के मामले में विभाग की ओर से 19 उपभोक्ताओं के बयान दर्ज किए गए। बागीदौरा प्रवर्तन निरीक्षक धर्मेंद्र रोत की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। अब मामले में पुलिस जांच कर रही है। यह जांच फिलहाल SI निर्भय सिंह कर रहे हैं।

मौके का फायदा उठाया
कोविड संक्रमण के दौरान खाद्य विभाग ने बिना बायोमैट्रिक सत्यापन किए गेहूं वितरण की व्यवस्था की थी। इस व्यवस्था का दुरुपयोग करते हुए उपभोक्ताओं को गेहूं वितरित नहीं किए। बल्कि पूरे गेहूं को गायब कर दिया। राजस्थान खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक पदार्थ (वितरण एवं विनियमन) आदेश 1976 के खंड 3 की प्राधिकार पत्र संख्या 9,11, 15, 17 व 18 का उल्लंघन है। वहीं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध है।