मांग / कुशलगढ़ से उदयपुर राेड को नेशनल हाइवे में बदलने की रिपोर्ट मांगी

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  • मु्ख्य अभियंता ने पीडब्ल्यूडी से मांगे सड़क के इंडेक्स और लिनियर चार्ट

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 08:18 AM IST

बांसवाड़ा. जिले भले ही लंबे अरसे रेल की उम्मीद लगानी पड़ रही है। लेकिन जिले में आवागमन सरल करने के लिए जरूर तीसरे नेशनल हाइवे की सौगात मिल सकती है। हाइवे की यह स्वीकृति उदयपुर से कुशलगढ़ झाबुआ तक के मिलने के आसार दिख रहे हैं।

इसके लिए मुख्य अभियंता नेशनल हाईवे डीआर मेघवाल ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता काे पत्र लिखकर सड़क के इंडेक्स और लिनियर चार्ट के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रस्ताव मांगे हैं। इसी इंडेक्स और चार्ट काे देखने के बाद ही मुख्य अभियंता स्तर से इसके प्रस्ताव भेजे जाएंगे।

राजस्थान ट्राइबल एरिया विकास समिति के गोपीराम अग्रवाल ने बताया कि इंडेक्स और लिनियर चार्ट में सड़क की लंबाई और चौड़ाई के साथ तकनीकी जानकारी दी जाती है। जिस आधार पर पता लगाया जाता है कि सड़क काे नेशनल हाइवे में बदला जाता है ताे कितनी जमीन अधिग्रहण की जरूरत हाेगी, कितने ब्रिज और अंडरपास के निर्माण करने हाेंगे।

इसके बाद ही हाइवे की स्वीकृति दी जाती है। इस हाइवे के निर्माण के प्रस्ताव बनते हैं ताे राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र उदयपुर और मध्यप्रदेश के विश्व प्रसिद्ध स्थान मांडू के बीच की दूरी काफी कम हाेगी। दाेनाें ही जगहों पर ट्यूरिस्ट की काफी संख्या रहती है।

ऐसे में यह हाइवे स्वीकृत हाेता है ताे इसका फायदा बांसवाड़ा के पर्यटन काे बढ़ावा देने में भी मिलेगा। क्योंकि उदयपुर से आवागमन काफी सुविधाजनक हाे जाएगा। इसके अलावा यह भी फायदा हाेगा कि वर्तमान में उदयपुर बस के माध्यम से पहुंचने में 3.30 से 4 घंटे तक का समय लगता हैं और निजी वाहन से ढाई से 3 घंटे का समय। ऐसे में हाइवे के निर्माण से यह समय भी कम हाेगा।

इसका फायदा मरीजों काे भी मिलेगा क्योंकि बांसवाड़ा जिला अस्पताल से गंभीर राेगियाें काे उदयपुर के लिए रैफर किया जाता है। लेकिन समय अधिक लगने के कारण कई बार रास्ते में ही मृत्यु हाे जाती है। अग्रवाल ने बताया कि पूर्व में भी मुख्य अभियंता ने 4 फरवरी 2020 काे प्रस्ताव मांगे थे, लेकिन अतिरिक्त मुख्य अभियंता उदयपुर द्वारा आदेश की पालना नहीं की गई।

एमपी के मांडू से दूरी कम होगी, पर्यटन काे बढ़ावा
यह हाइवे उदयपुर से कुशलगढ़ होते हुए झाबुआ तक जुड़ सकता है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होते हैं तो जिले की दूरी मध्यप्रदेश से और कम हो जाएगी। वहीं मध्यप्रदेश में पर्यटन की दृष्टि से प्रसिद्ध मांडू से भी जिले के लोग आसानी से जुड़ सकेंगे।

इससे जिले में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। क्योंकि एमपी में मांडू महोत्सव में आने वाले लोगों का ट्राइबर क्षेत्र के प्रति रुझान ज्यादा होता है। ऐसे में माही का अथाह पानी और प्राकृतिक वादियां उन्हें बांसवाड़ा की ओर आकर्षित कर सकती हैं। 

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