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डायलाब तालाब के किनारे बनेगा पॉथ-वे:200 डंपर से सड़क किनारे भराव, विसर्जन के दौरान दिक्कतों को देखते हुए घाट की सीढ़ियां चौड़ी होंगी, पर्यटन विभाग ने भेज रखे हैं साढ़े 4 करोड़ के प्रस्ताव

बांसवाड़ा3 महीने पहले
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डायलाब तालाब के जयपुर रोड को छूते हिस्से में भराव के काम को देखने पहुंचे सभापति त्रिवेदी। - Dainik Bhaskar
डायलाब तालाब के जयपुर रोड को छूते हिस्से में भराव के काम को देखने पहुंचे सभापति त्रिवेदी।

डायलाब तालाब (मूर्ति विसर्जन केंद्र) का जयपुर रोड से छूता हुआ हिस्सा भराव कर समतल हो रहा है। यहां करीब 200 डंपर मिट्‌टी का भराव हो चुका है, जबकि तालाब के किनारे को रोड के लेवल तक लाने के लिए नई रणनीति बनाई जा रही है। फिलहाल यह कार्य नगर परिषद की ओर से कराया जा रहा है। तालाब में पानी की पहुंच से दूर खाली इलाके में भराव के बाद यहां पहले से बने हुए घाट की सीढ़ियां को चौड़ा किया जाएगा ताकि गणेश, दुर्गा प्रतिमाओं और ताजियों के विसर्जन के दौरान संकरे घाट में भीड़ के कारण होने वाले हादसों को रोका जा सके।

फिलहाल नगर परिषद इसे नया पॉथ-वे बनाने के प्रयास में हैं। अभी इसका बजट तय नहीं हुआ है, लेकिन रोड किनारे को आकर्षक लाइट लगाने के साथ यहां सीढ़ियां लगाना, रेलिंग लगाना, सुंदर घाट बनाना प्रस्तावित है। तालाब के केचमेंट इलाके से बाहर हो रहे भराव को लेकर नगर परिषद सभापति जैनेंद्र त्रिवेदी ने गुरुवार को तालाब किनारे जारी काम का निरीक्षण किया। जेसीबी चालक को तालाब के भराव वाले क्षेत्र तक मिट्‌टी नहीं पहुंचने के निर्देश दिए।

ऐसा है शहर के जयपुर रोड स्थित डायलाब तालाब।
ऐसा है शहर के जयपुर रोड स्थित डायलाब तालाब।

पहले भी भेजे गए हैं प्रस्ताव

वर्तमान नगर परिषद बोर्ड जहां एक ओर तालाब के किनारे को खूबसूरत करने के प्रयासों में जुटा है वहीं इससे पहले के बोर्ड की ओर से तालाब के चारों ओर लोगों के घूमने और मॉर्निंग वॉक के लिए चेन बनाने वाले प्रस्ताव भी भेजे गए हैं। डीपीआर के साथ भेजे गए यह प्रस्ताव जयपुर से आगे बढ़कर दिल्ली में अटके हैं। करीब डेढ़ साल पहले पर्यटन विभाग की ओर से भी डायलाब को पर्यटकों के लिए विकसित करने की मंशा से साढ़े 4 करोड़ के प्रस्ताव डीपीआर के माध्यम से भेजे गए थे। यह फाइल अब ट्राइबल टूरिज्म के नाम पर दिल्ली में अटकी है।

डायलाब तालाब की पाल पर बने मंदिर की ओर यूं बनी हुई है रैलिंग।
डायलाब तालाब की पाल पर बने मंदिर की ओर यूं बनी हुई है रैलिंग।

सवालों के घेरे में नगर परिषद!
नगर परिषद परिसर में वर्तमान में बड़े कॉम्पलेक्स का निर्माण चल रहा है। वहां निकलने वाली मिट्‌टी को यहां डायलाब के सामने (ACB कार्यालय के पास) प्रस्तावित फुड कोड परिसर में डलवाया गया है। वहीं बची हुई मिट्‌टी तालाब के किनारे ऐसे हिस्से में डाली जा रही है जहां कभी भी तालाब का पानी नहीं पहुंचता। इसकी वजह पीडब्ल्यूडी के किनारे नाले के माध्यम से निकलने वाला तालाब का ओवरफ्लो पोइंट है। इसके नीचे होने के कारण तालाब में ऊंचाई तक पानी भरना संभव नहीं होता है। इस स्थान पर मिट्‌टी भराव करने के साथ ही नगर परिषद सवालों के घेरे में आ गई है। यहां निजी स्वार्थवश तालाब के केचमेंट को भरने जैसी बातें भी हो रही हैं।ल्ली भेजे गए प्रस्ताव।

सभापति का ऐसा जवाब
सभापति जैनेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि नगर परिषद पॉथ-वे बना रही है। तालाब किनारे से गुजरती सड़क संकरी है। विसर्जन के दौरान संकरी सड़क पर अक्सर जाम हो जाता है। घाट संकरा होने के कारण विसर्जन पोइंट पर भीड़ ज्यादा हो जाती है। इससे दुर्घटना की आशंका रहती है। सड़क चौड़ी कर इसे पॉथ-वे की शक्ल देने के प्रयास हैं। तालाब किनारे अच्छी लाइटें लगेंगी। यह जगह खूबसूरत हो जाएगी। त्रिवेदी ने कहा कि कुछ लोग परिषद के इस काम पर सवाल उठा रहे हैं। उनके लिए जवाब है कि नगर परिषद यहां काम करा रही है। इससे व्यक्तिगत स्वार्थ किसी का नहीं है। भविष्य में भी यहां किसी तरह का अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा।