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कोरोना में बढ़ा जिले में अपराधों का ग्राफ:लूट, डकैती और नकबजनी के मामले बढ़े, पुलिस का दावा: किडनैपिंग के अधिकांश मामले झूठे निकले

बांसवाड़ा14 दिन पहले
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डेमो पिक। - Dainik Bhaskar
डेमो पिक।

कोरोनाकाल के दौरान बांसवाड़ा में अपराधों का ग्राफ बढ़ा है। लूट, डकैती, हत्या और नकबजनी जैसे अपराधों में बढ़ोत्तरी हुई है। खुद पुलिस के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। ये ऐसे मामले हैं, जिनमें थाने तक शिकायतें पहुंची हैं। वहीं बहुत से ऐसे मामले हैं, जिसमें लोगों की ओर से शिकायतें नहीं हुई। वहीं कुछ मामलों में पुलिस के स्तर पर ढिलाई बरती गई है। दूसरी ओर चोरी, बलात्कार और अपहरण जैसे मामलों में पुलिस की सख्ती काम आई है। इन अपराधों में बीते दिनों के दौरान कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2021 में पुलिस स्तर पर ऐसे अपराधों में कमी को लेकर दावे किए जा रहे हैं, लेकिन ऐसे मामलों का खुलासा अभी पुलिस स्तर पर नहीं किया गया है।
यूं बढ़ता गया ग्राफ

दर्ज किए गए अपराधवर्ष 2018वर्ष 2019वर्ष 2020
हत्या423349
डकैती000205
लूट384360
नकबजनी6879122

इन अपराधों में आई कमी

दर्ज हुए अपराधवर्ष 2018वर्ष 2019वर्ष 2020
अपहरण124273188
बलात्कार7622393
बल्वा404429
चोरी184368187

बहुत से मामले झूठे

बलात्कार एवं अपहरण जैसे बहुत से अपराध ऐसे हैं, जो कि बड़ी संख्या में पुलिस जांच में झठे पाए गए हैं। इसके अलावा इन अपराधों में लिप्त बहुत से आरोपी अभी भी पुलिस की पहुंच से बाहर होकर दूसरे राज्यों में पड़े हुए हैं। उनके लिए पुलिस स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं हत्या के मामलों में वर्ष वार क्रमश: 28, 19 और 36 मामलों में अदालत के समक्ष चालान पेश किया जा चुका है। वहीं डकैती में 0, 2 और 3 मामलोें में चालान हुए हैं। लूट के मामलों में पुलिस की चालान रफ्तार कम रही है। इस हिसाब से 26, 20 और 29 मामलों में ही चालान हो सके हैं।

अपराध में कमी लाना प्राथमिकता

एएसपी कैलाश सांधू की मानें तो अपराधों में कमी लाना पुलिस की पहली प्राथमिकता है। इसके लिए जिला स्तर पर प्रयास भी रहते हैं। कोरोनाकाल में अपराध को छोड़कर पुलिस की दूसरे कामों व्यस्तता बढ़ गई थी। अभी लॉकडाउन के बाद उनकी पैंडेंसी निपटा रहे हैं।

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