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स्कूलों में निरीक्षण:काेराेना काल में स्कूल और बच्चों के बीच की दूरी को कम करें शिक्षक: संयुक्त निदेशक

बांसवाड़ा/सज्जनगढ़/नौगामा13 दिन पहले
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सज्जनगढ़. स्कूल में पौधरोपण करते हुए। - Dainik Bhaskar
सज्जनगढ़. स्कूल में पौधरोपण करते हुए।
  • बागीदाैरा-सज्जनगढ़ ब्लाॅक के स्कूलों का समग्र शिक्षा के संयुक्त निदेशक ने किया निरीक्षण

समग्र शिक्षा अभियान की संयुक्त निदेशक ममता दाधीच ने मंगलवार काे जिले के बागीदौरा और सज्जनगढ़ ब्लाॅक की स्कूलों में पहुंचकर निरीक्षण किया। जहां उन्होंने शिक्षकों और अपने विभाग के अधिकारियों से कहा कि कोरोना काल में विद्यालय और बच्चों के बीच की दूरी को कम करने और सीखने के अवसरों में आए बड़े अंतर को पाटने के लिए स्माइल 3.0, आओ घर में सीखें तथा मिशन समर्थ अभियान की सार्थकता किसी भी जिले और जिले के किसी भी ब्लॉक में तभी है जब हम मैकेनिज्म और मन का तालमेल बिठाए।

जब यह तालमेल बैठ जाएगा तो स्माइल कार्यक्रम स्कूल से दूर बैठे जिस बच्चे के लिए संचालित है उसकी सार्थकता उन तक पहुंच जाएगी। दधीच ने सज्जनगढ़ ब्लॉक में अभियान की सार्थकता के लिए मैकेनिज्म का जिम्मा संभालने टेक्नो फ्रेंड की सुपर-30 टीम के सदस्यों को संबलन दिया। इस दौरान सीडीईओ अंजलिका पलात, कार्यक्रम अधिकारी भूपेश पंड्या और प्रदीप पाटीदार के साथ ही सज्जनगढ़ एसीबीईओ प्रथम रूपजी बारिया स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य अंसार मोहम्मद ने भी तकनीकी रूप से विशेषज्ञता हासिल एक्सपर्ट टीम को प्रोत्साहित किया। उनके अब तक के कार्य को सराहते हुए इस मैकेनिज्म सिस्टम को जिले और राज्य स्तर तक अमल में लाने की योजना बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

जो डिवाइस विहीन है बने डिवाइन : सज्जनगढ़ ब्लॉक अंतर्गत 262 स्कूलों में स्माइल 3.0, आओ घर में सीखे मिशन समर्थ अभियान की प्रभावी बनाने के लिए सीबीईओ कार्यालय स्तर पर एक टीम गठित की गई है जो टेक्नो एक्सपर्ट के रूप में निदेशालय और स्कूल शिक्षा परिषद जयपुर से प्राप्त निर्देशों और कार्य योजनाओं की धरातल तक क्रियान्वित करने में तकनीकी सहयोग प्रदान करती हैं।

इस टीम के सभी 30 सदस्यों को संयुक्त निदेशक ममता दाधीच ने कहा कि तकनीकी रूप से डाटा संधारण और उपलब्धियों के दस्तावेजीकरण का क्षेत्र अलग है इस कोरोना काल में हमारे पास तीन प्रकार के विद्यार्थी मौजूद हैं। एक वह हैं जिनके पास उनकी मंशा के अनुसार कोई न कोई डिवाइस उपलब्ध है और वह ऑनलाइन शिक्षा से नियमित जुड़े रह सकते हैं।

दूसरी श्रेणी के वे विद्यार्थी हैं जिनके पास एंड्रॉइड सुविधा उपलब्ध है लेकिन वह कुछ समय तक के लिए है उन्हें उपलब्ध होती है शेष समय वह उनके अभिभावकों के पास रहती है और तीसरा समूह ऐसा है जो डिवाइस विहीन है। हमें उस डिवाइस विहीन विद्यार्थी के लिए डिवाइन की तरह काम करना है।

सीडीईओ पलात ने बताई शैक्षिक उपलब्धियां

सीडीईओ एंजलिका पलात ने जिले और ब्लॉक में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। प्रधानाचार्य अंसार मोहम्मद ने विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों और विगत वर्षों की उपलब्धियों की जानकारी दी। एसीबीईऔओ प्रकाश पंड्या ने सुपर- 30 समूह द्वारा ब्लॉक में अब तक विभिन्न कार्य योजनाओं में सहभागिता को रेखांकित किया। सभी 30 सदस्यों ने अपने अपने कार्य क्षेत्र का परिचय दिया। कार्यक्रम का संचालन तुलजाशंकर ने और आभार एसीबीईओ प्रथम रूपजी बारिया जताया।

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