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भैरवजी ब्रिज का मामला:टेंडर राशि 22.99 करोड़, नेगाेसिएशन नहीं तो लागत 12 करोड़ रुपए बढ़ेगी

बांसवाड़ाएक महीने पहले
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गढ़ी से गुजरात की दूरी घटाने के लिए अनास नदी पर अधूरे बने भैरवजी ब्रिज का निर्माण कार्य एक बार फिर नेगाेसिएशन के नाम पर अटक गया है। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने पिछले दिनाें इस अधूरे निर्माण काे पूरा करने के लिए नए सिरे से टेंंडर आमंत्रित किए थे। जिसमें गुजरात की एनजी प्राेजेक्ट्स फर्म के नाम यह टेंडर खुला। उसने इस काम काे 22.99 कराेड़ रुपए में पूरा करने की निविदा भरी थी, जबकि सरकार ने इस काम के लिए आरक्षित दर 18.48 कराेड़ रुपए तय कर रखी है।

सरकार के स्तर पर इस फर्म के साथ निर्माण राशि काे लेकर माेल-भाव चल रहा है। उम्मीद की जा रही है कि लगभग 20 करोड़ रुपए में इस अधूरे काम काे पूरा करने का रास्ता खुल जाएगा। उल्लेखनीय है कि पिछले छह माहाें में इस काम के तीसरी बार टेंडर हुए हैं।

करीब छह माह पहले इस काम काे पूरा कराने के लिए विभाग ने 18 कराेड़ रुपए के टेंडर आमंत्रित किए, लेकिन किसी भी फर्म ने इस काम काे करने में रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद जनवरी में दोबारा इस काम के टेंडर हुए ताे दाे ठेकेदारों ने टेंडर कॉपी डाली। टेंडर खुले ताे एक फर्म अयोग्य साबित हुई।

दूसरी फर्म ने यह काम 36 कराेड़ रुपए में करना बताया, जाे कि रिजर्व प्राइज का दोगुना था। ऐसे में वह प्रक्रिया भी निरस्त हाे गई। विभागीय अभियंताओं के अनुसार नदी में नए पिल्लर पाइल फाउंडेशन पद्दति से बनाए जाएंगे। जाे कि ज्यादा गहराई वाले हाेंगे, जबकि पूर्व में पिल्लर वेल फाउंडेशन से बने हैं।

पिछली ठेकेदार फर्म का जो गुणवत्तापूर्ण कार्य है, उसे यथावत रखा जाएगा। जो पिल्लर टेढ़े और क्षतिग्रस्त हो गए हैं उनकी जगह पर नए पिल्लर बनेेंगे। नेगोसिएशन नहीं हुआ तो ब्रिज की लागत 12.14 करोड़ रुपए बढ़ जाएगी।

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