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  • The Battle For Supremacy Between Mahi And XEN Of The Water Resources Department, Mahi's XEN Forgot The Rules, The City Council Chairman Said: The Common Man Will Have Trouble, He Will Keep Breaking The Lock.

माही कॉलोनी बंद दरवाजों पर विवाद गरमाया:माही और जल संसाधन विभाग के एक्सईएन के बीच वर्चस्व की लड़ाई, माही के एक्सईएन पटरी से उतरे, नगर परिषद सभापति बोले: आम आदमी को दिक्कत, ताला तुड़वाकर ही रहेंगे

बांसवाड़ाएक महीने पहले
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माही कॉलोनी के इस बंद गेट को लेकर आमने-सामने हुए  माही और जल संसाधन विभाग के एक्सईएन। - Dainik Bhaskar
माही कॉलोनी के इस बंद गेट को लेकर आमने-सामने हुए माही और जल संसाधन विभाग के एक्सईएन।

करीब 50 साल पहले स्थापित माही (सरकारी) कॉलोनी में प्रवेश के 3 रास्ते बंद करने का विवाद गरमा रहा है। मामले में दो एक्सईएन आमने-सामने हो गए हैं। जल संसाधन विभाग के एक्सईएन सुरेंद्र दांतला गेट को खोलने के पक्ष में हैं। वहीं माही परियोजना के एक्सईएन हरिशंकर कुमावत मामला अधिकार क्षेत्र का बताकर मॉनोपॉली चला रहे हैं। दूसरी ओर मामले में नया मोड़ इसलिए आ गया है कि नगर परिषद सभापति जैनेंद्र त्रिवेदी, माही कॉलोनी को नगर क्षेत्र का हिस्सा बताते हुए गेट का ताला तुड़वाने की बात कह रहे हैं। त्रिवेदी का कहना है कि दरवाजे बंद करने से आम आदमी प्रभावित है। उन्हें कई लिखित शिकायतें मिली हैं। जल्द ही सिविल लाइन को जोड़ने वाले दरवाजे को खुलवाएंगे। गौरतलब है कि माही कॉलोनी के इंचार्ज एक्सईएन कुमावत ने करीब दो माह पहले यहां आवागमन वाले चार दरवाजों को बंद करा दिया था। वहीं दरवाजा नहीं खुले इसके लिए दरवाजों के नीचे पक्की सीमेंटेड दीवार बनवा दी थी। माही बांध के निर्माण के साथ ही बांसवाड़ा में माही कॉलोनी का निर्माण हुआ था।

उदयपुर रोड के ठीक सामने वाले एक मात्र जहां रहता है वाहनों का दबाव।
उदयपुर रोड के ठीक सामने वाले एक मात्र जहां रहता है वाहनों का दबाव।

धूमकर आना होता है
जल संसाधन विभाग के एक्सईएन दांतला की पीड़ा यह है कि उनका कार्यालय माही कॉलोनी की सीमा में सिविल लाइन वाले रोड (गेट नंबर 3) पर है। ऐसे में दांतला को कार्यालय तक पहुंचने के लिए करीब 500 मीटर घूमकर आना होता है। इस मामले को लेकर उन्होंने माही के अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर दरवाजे को खुलवाने की मांग की थी।

भवन एवं दायीं मुख्य नहर खण्ड का वह कार्यालय जहां बैठते हैं एक्सईएन कुमावत।
भवन एवं दायीं मुख्य नहर खण्ड का वह कार्यालय जहां बैठते हैं एक्सईएन कुमावत।

खुद के घर चोरी हुई उसकी सजा सबको
इधर, माही परियोजना के एक्सईएन कुमावत का दर्द यह है कि माही कॉलोनी में जुलाई महीने में उनके मकान में चोरी हो चुकी है। उनका मानना है आम आदमी ने कॉलोनी को बायपास बना रखा था। इससे बदमाश प्रवृत्ति के लोग बिना काम के कॉलोनी में आते थे। वहीं कॉलोनी में पर्यावरण प्रदूषण के साथ दुर्घटना की आशंकाएं बनी रहती हैं। कुमावत कहते हैं कि उनके फैसले से माही कॉलोनी के लोग खुश हैं।
लिखा दो साल से ऑफिस नहीं आते
मामला तब और विवादित हो गया, जब एक्सईएन होते हुए कुमावत ने एक्सईएन दांतला पर गंभीर आरोप लगाए। एसई को अगस्त महीने में लिखे पत्र में कुमावत ने लिखा कि एक्सईएन दांतला बीते दो साल से कार्यालय ही नहीं आ रहे हैं। वह कार्यालय से बाहर विभागीय कामों को पूरा करते हैं। कायदा कहता है कि एक एक्सईएन को उसके समकक्ष व्यक्ति के लिए टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।
एकल दरवाजे से एक्सीडेंट
एक्सईएन कुमावत के फैसले से कॉलोनी में बाहरी लोगों का प्रवेश भले ही रूक गया हो, लेकिन दुर्घटनाओं के आंकड़े बढ़ रहे हैं। वजह कॉलोनी के चार दरवाजे बंद करने से वाहनों का पूरा भार गेट नंबर एक पर आ गया है। कॉलोनी का यह मार्ग यहां उदयपुर रोड से जुड़ा हुआ है। ऐसे में कॉलोनी वासियों के वाहनों का दबाव एक ही गेट पर रहता है। वहीं राजमार्ग पर वाहनों का तेज रफ्तार से गुजरने का क्रम रहता है। बीते दिनों के दौरान यहां मोड़ पर कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।
लड़ाई में ऐसे मिले जवाब
मामले में जल संसाधन विभाग के एर्क्सएन दांतला ने कहा कि कार्यालय की विवशता के बीच उन्हाेंने एसई को दरवाजा खुलवाने को कहा था। एक्सईएन कुमावत को बताना चाहिए कि जल संशाधन विभाग के कामकाज वह पूरे करते हैं क्या? उन्हें उनकी मर्यादा में रहना चाहिए।
इधर, एक्सईएन कुमावत ने कहा कि यह तो सर्वविदित है कि एक्सईएन दांतला कार्यालय नहीं आते। मेरी खुद की एनओसी एप्लीकेशन दो साल से उनके कार्यालय में है। आज तक जवाब नहीं दिया। दरवाजे बंद करने से माही कॉलोनी में अपराध रूके हैं।

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